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Hardoi News: गोली मारकर मजदूर की हत्या

Wed, 20 Mar 2024 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Wed, 20 Mar 2024 12:35 AM IST
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laborer shot dead
अतरौली (हरदोई)। अतरौली थाना क्षेत्र में एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव उसकी ही अर्ध निर्मित दुकान में चारपाई के पास पड़ा मिला। पिता की तहरीर पर युवक के साथ रह चुकी एक महिला और पड़ोसी गांव के एक शख्स के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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अतरौली थाना क्षेत्र के रेहरियामऊ निवासी सुरेश (42) खेती और मजदूरी करता था। गांव से लगभग 500 मीटर दूर महगवां संडीला मार्ग पर बरताली चौराहा के पास हाल ही में सुरेश ने तीन दुकानें बनवाई थीं। इन दुकानों में अभी शटर नहीं लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से सुरेश इन्हीं दुकानों में सोता था।
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मंगलवार सुबह उधर से निकले ग्रामीणों ने सुरेश का शव पड़ा देखा तो इसकी जानकारी पुलिस को दी। सुरेश के सीने और पेट में गोली मारकर हत्या की गई थी। मौके पर एक खोखा भी पड़ा मिला। घटना का पता चलने पर एसपी केसी गोस्वामी, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र, सीओ संडीला शिल्पा कुमारी और अतरौली के प्रभारी निरीक्षक दिलेश सिंह मौके पर पहुंचे।
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घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों से बात की गई। मृतक के पिता पुत्तू ने एसपी को बताया कि सुरेश ने कुछ समय पहले रामरती (52) नाम की एक महिला को उसकी पुत्री तारा (25) के साथ लाकर अपने साथ रख लिया था। पांच माह पहले रामरती अपनी बेटी के साथ पड़ोसी गांव चिरंजीवखेड़ा निवासी बलराम के पास जाकर रहने लगी थी।
आरोप है कि रामरती और बलराम ने मिलकर सुरेश की हत्या कर दी। एसपी केसी गोस्वामी ने बताया कि फिलहाल मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर बलराम और रामरती के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के दौरान जो भी सामने आएगा उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


परिजनों से अलग रहता था सुरेश
ग्रामीणों के मुताबिक सुरेश और उसके परिजनों के बीच अच्छे संबंध नहीं थे। सुरेश तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके छोटे भाई दिनेश और रिंकू पिता के साथ रहते हैं। सुरेश अलग रहता था और रामरती के जाने के बाद भोजन आदि की व्यवस्था भी खुद ही करता था।

ग्रामीणों का आरोप है कि रामरती गांव में सुरेश के पास आने से पहले भी दो लोगों के साथ रह चुकी थी। सुरेश ठीक से रामरती और उसकी पुत्री का भरण पोषण कर रहा था, लेकिन पांच माह पहले अचानक अनबन हुई तो रामरती ने दूसरा ठिकाना ढूंढ लिया।
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