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419 लाख क्विंटल गन्ना पेर चीनी मिलों ने खत्म किया सत्र ----
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हरदोई। कोरोना संकट के दौरान अधिकारियों व किसानों की सूझबूझ ने जिले में चीनी की मिठास को फीका नहीं पड़ने दिया। सामाजिक दूरी समेत अन्य नियमों का पालन कर तीनों चीनी मिलों ने अपना पेराई सत्र पूरा किया। 419 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई की गई। साथ ही 80 फीसदी भुगतान भी किसानों को कर दिया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने 20 फीसदी भुगतान शीघ्र किए जाने की बात कही है।
जिले में हरियावां, लोनी और रूपापुर में चीनी मिलें स्थापित हैं। चीनी मिलों के कार्यकारी अधिकारी आरएल टामक ने बताया कि इस बार रूपापुर में स्थित चीनी मिल में 102 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई है। हरियावां चीनी मिल ने 201 लाख क्विंटल और लोनी चीनी मिल ने 116 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई इस सत्र में की है।
पेराई सत्र के दौरान ही कोरोना का संकट भी आ गया लेकिन किसानों ने हिम्मत नहीं हारी। हम सभी ने मिलकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी पूरी कीं। गन्ना लेकर आने वाले ट्रक चालकों को राशन किट, मास्क और सैनिटाइजर का वितरण भी किया गया। किसानों को गन्ने की पर्ची एसएमएस के माध्यम से लगातार भेजी गईं।
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आरएल टामक ने बताया कि तीनों चीनी मिलों ने 80 फीसदी गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को कर दिया है और शेष भुगतान भी किस्तों में किसानों के खातों में भेजा जा रहा है। हरियावां चीनी मिल को सैनिटाइजर बनाने की भी अनुमति शासन से मिली थी और यहां बनाए गए सैनिटाइजर से बैंकों, अग्रिशमन केंद्रों, उप जिलाधिकारियों के कार्यालयों, तहसीलों, थानों और कोतवाली के अलावा संबंधित क्षेत्र में आने वाले गांवों का भी सैनिटाइज कराया गया।
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जिले में हरियावां, लोनी और रूपापुर में चीनी मिलें स्थापित हैं। चीनी मिलों के कार्यकारी अधिकारी आरएल टामक ने बताया कि इस बार रूपापुर में स्थित चीनी मिल में 102 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई है। हरियावां चीनी मिल ने 201 लाख क्विंटल और लोनी चीनी मिल ने 116 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई इस सत्र में की है।
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पेराई सत्र के दौरान ही कोरोना का संकट भी आ गया लेकिन किसानों ने हिम्मत नहीं हारी। हम सभी ने मिलकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी पूरी कीं। गन्ना लेकर आने वाले ट्रक चालकों को राशन किट, मास्क और सैनिटाइजर का वितरण भी किया गया। किसानों को गन्ने की पर्ची एसएमएस के माध्यम से लगातार भेजी गईं।
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आरएल टामक ने बताया कि तीनों चीनी मिलों ने 80 फीसदी गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को कर दिया है और शेष भुगतान भी किस्तों में किसानों के खातों में भेजा जा रहा है। हरियावां चीनी मिल को सैनिटाइजर बनाने की भी अनुमति शासन से मिली थी और यहां बनाए गए सैनिटाइजर से बैंकों, अग्रिशमन केंद्रों, उप जिलाधिकारियों के कार्यालयों, तहसीलों, थानों और कोतवाली के अलावा संबंधित क्षेत्र में आने वाले गांवों का भी सैनिटाइज कराया गया।