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नारेबाजी से गूंजा कलक्ट्रेट, दिया ज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 28 Mar 2015 12:34 AM IST
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उपयोगी रसायन एक साल तक फ्री दिए जाने सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर
जिले के समाजसेवियों व युवाओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर पहुंच
नारेबाजी की तथा मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र
को सौंपकर उस पर जल्द से जल्द कार्रवाई कराए जाने की मांग की।
इस दौरान युवा समाजसेवी प्रीतेश दीक्षित प्राची ने ज्ञापन देने से पूर्व कहा कि जनपद के विधानसभा क्षेत्र सवायजपुर से जुड़े कटियारी व पछोहा आदि क्षेत्रों जो दैवीय आपदाओं की मार बाढ़ व सूखे के रूप में झेलता चला आ रहा है, उस क्षेत्र के किसानों पर बेमौसम बारिश ने दोहरी मार मारी है।
इस कारण क्षेत्र के किसानों को विशेष राहत पैकेज दिलाया जाए। कहा कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों 20,000-40,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिलाया जाए। गेहूं के समर्थन मूल्य पर प्रदेश सरकार द्वारा 700 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाए।
50 प्रतिशत फसल बर्बाद होने पर मुआवजा देने के मापदंड को खत्म कर किसानों को इकाई मानते हुए उसकी फसल की बर्बादी की सही मूल्यांकन किया जाए तथा नई मुआवजा नीति घोषित की जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को दिया गया।
जिसमें उक्त के अलावा खेत खेत के सर्वे से फसलों के नुकसान का आकलन कराने, राजस्व, कृषि व प्रशासनिक अधिकारियों व किसानों को लेकर संयुक्त समिति बनाकर पूरे मामले पर निगरानी किए जाने की मांगे शामिल हैं। इस मौके पर भरत पांडे, अरुण त्रिपाठी, रामपाल सिंह, प्रदीप त्रिपाठी, राजू द्विवेदी, अनिल और सोनू आदि मौजूद थे।
इस दौरान युवा समाजसेवी प्रीतेश दीक्षित प्राची ने ज्ञापन देने से पूर्व कहा कि जनपद के विधानसभा क्षेत्र सवायजपुर से जुड़े कटियारी व पछोहा आदि क्षेत्रों जो दैवीय आपदाओं की मार बाढ़ व सूखे के रूप में झेलता चला आ रहा है, उस क्षेत्र के किसानों पर बेमौसम बारिश ने दोहरी मार मारी है।
इस कारण क्षेत्र के किसानों को विशेष राहत पैकेज दिलाया जाए। कहा कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों 20,000-40,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिलाया जाए। गेहूं के समर्थन मूल्य पर प्रदेश सरकार द्वारा 700 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाए।
50 प्रतिशत फसल बर्बाद होने पर मुआवजा देने के मापदंड को खत्म कर किसानों को इकाई मानते हुए उसकी फसल की बर्बादी की सही मूल्यांकन किया जाए तथा नई मुआवजा नीति घोषित की जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को दिया गया।
जिसमें उक्त के अलावा खेत खेत के सर्वे से फसलों के नुकसान का आकलन कराने, राजस्व, कृषि व प्रशासनिक अधिकारियों व किसानों को लेकर संयुक्त समिति बनाकर पूरे मामले पर निगरानी किए जाने की मांगे शामिल हैं। इस मौके पर भरत पांडे, अरुण त्रिपाठी, रामपाल सिंह, प्रदीप त्रिपाठी, राजू द्विवेदी, अनिल और सोनू आदि मौजूद थे।