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अंतर्राज्यीय चोरों के गिरोह का पर्दाफाश
ब्यूरो/अमर उजाला हरदोई
Updated Fri, 09 Jan 2015 12:35 AM IST
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थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी योजना बनाते समय
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अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा और निशानदेही पर तीन बाइक
सहित चोरी का माल बरामद किया। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले मेें चोरी की
घटनाओं पर अंकुश लगेगा। एसएसपी गोविंद अग्रवाल ने टीम को इस सफलता पर बधाई
दी।
बेहटा गोकुल थाने के एसआई केके राय, अशोक कुमार, हमराही ज्ञानेंद्र, दिनेश बाबू और बृजपाल के साथ बुधवार की रात गश्त पर थे। रात करीब एक बजे शाहजहांपुर मार्ग पर संचालित पेट्रोल पंप के पीछे कुछ लोग खड़े दिखाई दिए। पुलिस टीम ने टोकने पर जब वह भागने का प्रयास करने लगे तो उन्हें पुलिस ने घेरकर दबोच लिया।
पकड़े गए चारों युवक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के सदस्य थे। इनमें कासमिपुर क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर निवासी आशीष प्रताप सिंह, बिहार के दरभंगा के सिसवां बड़ी निवासी धर्मेंद्र उर्फ सुलेंद्र उर्फ चवन्नी, शाहजादे कुरैशी निवासी मैगलगंज लखीमपुर खीरी, अकील कुरैसी निवासी लखीमपुर और जसवंत निवासी सग्रामा थाना जसेरी जिला देवधर झारखंड का रहने वाला है।
पुलिस ने उनके पास से पांच कारतूस और नकब लगाने के उपकरण बरामद किए। पूछताछ में उनके द्वारा चोरी की गई तीन बाइक बरामद हुई, जिसमें दो दिल्ली के नंबर की डिस्कवर और एक बगैर नंबर की टीवीएस बाइक है। एसओ नरेश चंद्र जौहरी ने बताया कि पूछताछ में उन लोगों ने कबूल किया कि वह लोग दिल्ली के समसपुर थाने के बादली में झुग्गी झोपड़ी डाल कर रहते थे।
उनका सरगना आशीष प्रताप है, जो पहले भी कासिमपुर थाने में चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। बताया कि गिरोह के लोगों ने माना वह लोग दिल्ली से चलते थे और जो भी राज्य का शहर पड़ता वहां पर घटना का अंजाम देकर फरार हो जाते थे। उनके निशाने पर मोबाइल व ज्वैलर्स की दुकानें रहती थी।
बेहटा गोकुल थाने के एसआई केके राय, अशोक कुमार, हमराही ज्ञानेंद्र, दिनेश बाबू और बृजपाल के साथ बुधवार की रात गश्त पर थे। रात करीब एक बजे शाहजहांपुर मार्ग पर संचालित पेट्रोल पंप के पीछे कुछ लोग खड़े दिखाई दिए। पुलिस टीम ने टोकने पर जब वह भागने का प्रयास करने लगे तो उन्हें पुलिस ने घेरकर दबोच लिया।
पकड़े गए चारों युवक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के सदस्य थे। इनमें कासमिपुर क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर निवासी आशीष प्रताप सिंह, बिहार के दरभंगा के सिसवां बड़ी निवासी धर्मेंद्र उर्फ सुलेंद्र उर्फ चवन्नी, शाहजादे कुरैशी निवासी मैगलगंज लखीमपुर खीरी, अकील कुरैसी निवासी लखीमपुर और जसवंत निवासी सग्रामा थाना जसेरी जिला देवधर झारखंड का रहने वाला है।
पुलिस ने उनके पास से पांच कारतूस और नकब लगाने के उपकरण बरामद किए। पूछताछ में उनके द्वारा चोरी की गई तीन बाइक बरामद हुई, जिसमें दो दिल्ली के नंबर की डिस्कवर और एक बगैर नंबर की टीवीएस बाइक है। एसओ नरेश चंद्र जौहरी ने बताया कि पूछताछ में उन लोगों ने कबूल किया कि वह लोग दिल्ली के समसपुर थाने के बादली में झुग्गी झोपड़ी डाल कर रहते थे।
उनका सरगना आशीष प्रताप है, जो पहले भी कासिमपुर थाने में चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। बताया कि गिरोह के लोगों ने माना वह लोग दिल्ली से चलते थे और जो भी राज्य का शहर पड़ता वहां पर घटना का अंजाम देकर फरार हो जाते थे। उनके निशाने पर मोबाइल व ज्वैलर्स की दुकानें रहती थी।