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Hardoi News: फसलों को नुकसान पहुंचा रहा नदियां में बढ़ा पानी
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हरदोई। पहाड़ों पर हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी ने यहां पर गंगा, रामगंगा व गर्रा नदियों के पानी को बढ़ाया है। इससे भूमि का हो रहा है तो खेतों में भी पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है।
सोमवार को गंगा और रामगंगा नदी में अब तक का सर्वाधिक 7,19,929 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से 10 सेमी. ऊपर 137.20 मीटर पर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 20 सेमी. व गर्रा नदी के पानी में 35 सेमी. पानी बढ़ा है। रामगंगा और गर्रा नदी में पानी बढ़ने से गंगा, गंभीरी और नीलम नदियों का पानी एक हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ के हालात बिगड़ने लगे हैं।
रामगंगा व गर्रा नदियों में लगातार दूसरे दिन पानी बढ़ने से सवायजपुर क्षेत्र के कटियारी और बिलग्राम क्षेत्र में प्रभावित गांवों में बाढ़ के हालात बिगड़ने लगे हैं। रामगंगा के पानी में बढ़ोतरी से चंद्रमपुर, अर्जुनपुर के पास कटान में सड़क ही कट गई है। इससे कई गांवों का आवागमन कट गया है। रामगंगा नदी का पानी 20 सेमी. बढ़ा है और पानी 136.40 मीटर और गर्रा के पानी में 35 सेमी. की बढ़ोतरी हुई और पानी 147.35 मीटर पर पहुंच गया है। बिलग्राम क्षेत्र में चिरंजीपुरवा में घरों में फिर से पानी भर गया है। राजघाट मार्ग पर डिप पर पानी आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बिलग्राम क्षेत्र में गंगा का पानी खतरे के निशान पर ही बना होने से कटरी क्षेत्र के गांवों में कटान की आशंका बनी हुई है। बैराजों से गंगा और रामगंगा नदी में पांच लाख 79,541 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 2,94,226 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1,53,588 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 2,09,060 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 40,296 क्यूसेक, हरेबली बैराज से 10,728 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 12,031 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बिलग्राम क्षेत्र के चिरंजीवपुरवा, उम्मेदपुरवा, नोखेपुरवा, पुनापुरवा, जरैला, दीनापुर, मक्कूपुरवा व कटरी महादेवा के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण नदियों में पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। गंगा में पानी कम नहीं हुआ है। बिलग्राम व सवायजपुर के एसडीएम से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है।
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सोमवार को गंगा और रामगंगा नदी में अब तक का सर्वाधिक 7,19,929 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से 10 सेमी. ऊपर 137.20 मीटर पर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 20 सेमी. व गर्रा नदी के पानी में 35 सेमी. पानी बढ़ा है। रामगंगा और गर्रा नदी में पानी बढ़ने से गंगा, गंभीरी और नीलम नदियों का पानी एक हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ के हालात बिगड़ने लगे हैं।
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रामगंगा व गर्रा नदियों में लगातार दूसरे दिन पानी बढ़ने से सवायजपुर क्षेत्र के कटियारी और बिलग्राम क्षेत्र में प्रभावित गांवों में बाढ़ के हालात बिगड़ने लगे हैं। रामगंगा के पानी में बढ़ोतरी से चंद्रमपुर, अर्जुनपुर के पास कटान में सड़क ही कट गई है। इससे कई गांवों का आवागमन कट गया है। रामगंगा नदी का पानी 20 सेमी. बढ़ा है और पानी 136.40 मीटर और गर्रा के पानी में 35 सेमी. की बढ़ोतरी हुई और पानी 147.35 मीटर पर पहुंच गया है। बिलग्राम क्षेत्र में चिरंजीपुरवा में घरों में फिर से पानी भर गया है। राजघाट मार्ग पर डिप पर पानी आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बिलग्राम क्षेत्र में गंगा का पानी खतरे के निशान पर ही बना होने से कटरी क्षेत्र के गांवों में कटान की आशंका बनी हुई है। बैराजों से गंगा और रामगंगा नदी में पांच लाख 79,541 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 2,94,226 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1,53,588 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 2,09,060 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 40,296 क्यूसेक, हरेबली बैराज से 10,728 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 12,031 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बिलग्राम क्षेत्र के चिरंजीवपुरवा, उम्मेदपुरवा, नोखेपुरवा, पुनापुरवा, जरैला, दीनापुर, मक्कूपुरवा व कटरी महादेवा के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण नदियों में पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। गंगा में पानी कम नहीं हुआ है। बिलग्राम व सवायजपुर के एसडीएम से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है।