{"_id":"6a0df3e1ddc1ccf7290b7dad","slug":"in-the-intense-heat-cables-burned-transformers-failed-and-there-was-a-demand-for-395-megawatts-of-electricity-hardoi-news-c-213-1-hra1021-150091-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: भीषण गर्मी में जलने लगी केबल, दगा देने लगे ट्रांसफार्मर, 395 मेगावाट बिजली की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: भीषण गर्मी में जलने लगी केबल, दगा देने लगे ट्रांसफार्मर, 395 मेगावाट बिजली की मांग
विज्ञापन
फोटो-06- जर्जर विद्युत लाइन। संवाद
हरदोई। भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बढ़ते लोड के कारण तार टूट रहे हैं और ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। अघोषित कटौती और लोकल फॉल्ट ने उपभोक्ताओं की मुसीबत बढ़ा दी है। बिजली की मांग के भी सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। बिजली की मांग 395 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा डिमांड है। पिछले वर्ष इन दिनों बिजली की मांग 325 मेगावाट के आसपास थी।
जिले में छह लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें 79 हजार शहरी उपभोक्ता हैं। विभाग की ओर से बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए रीवैंप या बिजिनेस प्लान के तहत जर्जर लाइनों को बदलने व ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य किया गया ताकि गर्मी में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके। इसके उलट भीषण गर्मी पड़ते ही उपभोक्ताओं के लिए समस्या हो गई है। जगह-जगह बिजली के तार टूट रहे हैं तो कई जगह ट्रांसफार्मर भी फुंक गए हैं। दरअसल बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है। हालात देखते हुए आशंका है कि इस बार जून में बिजली की मांग 450 मेगावाट से ज्यादा हो सकती है। पिछले साल बिजली की अधिकतम मांग 420 मेगावाट तक पहुंची थी।
कहीं केबल जला तो कभी लाइन बनाने के नाम पर कटौती
शहर के सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र पर 33 केवी लाइन को बनाने और लोकल फॉल्ट के कारण दिन में चार घंटे आपूर्ति बंद रही। इसके बाद रात 10 बजे डॉ. भूरा चौराहे पर केबल जलने से बिजली गुल हो गई जो रात 11 बजे आई। इसके बाद फिर तकनीकी कारणों से बिजली गुल हो गई जो डेढ़ बजे के बाद शुरू हो सकी। शहर के बेलाताली उपकेंद्र से जुड़ी क्षेत्र की आपूर्ति रात 10 बजे बाधित हो गई जो रात डेढ़ बजे शुरू हो गई। वहीं एआरटीओ उपकेंद्र की आपूर्ति रात नौ से 11 बजे तक बंद रही। शहर के कोयल बाग कॉलोनी से जुड़े सिविल लाइन में केबल जल गया। इससे क्षेत्र की आपूर्ति आठ से 11 बजे तक बाधित रही। शहर के सिटी विद्युत उपकेंद्र की सिनेमा रोड फीडर की आपूर्ति रात 10 से 11 बजे तक प्रभावित हुई।
विज्ञापन
एक नजर में बिजली महकमा
कुल उपभोक्ता-6,14,484
शहरी उपभोक्ता-79,852
कुल विद्युत उपकेंद्र -59
कुल ट्रांसफार्मर -44537
इस माह जले ट्रांसफार्मर-3624
रीवैंप योजना में खर्च -203.48 करोड़
बिजनेस प्लान के तहत खर्च -37.74 करोड़
भीषण गर्मी के कारण लोड बढ़ा है। इससे लोकल फॉल्ट हो रहे हैं। शाम के समय सोलर पैनल बंद होने से उसका लोड भी ग्रिड पर आ जाता है। लोड के कारण केबल व ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं हो रही हैं। उनको तत्काल बदलवाने का कार्य किया जा रहा है। बिजनेस प्लान के तहत नई कार्य योजना भी शासन को भेजी गई है। उपभोक्ताओं को नियमित बिजली मिले इसका प्रयास किया जाता है। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता सदर
विज्ञापन
जिले में छह लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें 79 हजार शहरी उपभोक्ता हैं। विभाग की ओर से बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए रीवैंप या बिजिनेस प्लान के तहत जर्जर लाइनों को बदलने व ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य किया गया ताकि गर्मी में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके। इसके उलट भीषण गर्मी पड़ते ही उपभोक्ताओं के लिए समस्या हो गई है। जगह-जगह बिजली के तार टूट रहे हैं तो कई जगह ट्रांसफार्मर भी फुंक गए हैं। दरअसल बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है। हालात देखते हुए आशंका है कि इस बार जून में बिजली की मांग 450 मेगावाट से ज्यादा हो सकती है। पिछले साल बिजली की अधिकतम मांग 420 मेगावाट तक पहुंची थी।
विज्ञापन
कहीं केबल जला तो कभी लाइन बनाने के नाम पर कटौती
शहर के सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र पर 33 केवी लाइन को बनाने और लोकल फॉल्ट के कारण दिन में चार घंटे आपूर्ति बंद रही। इसके बाद रात 10 बजे डॉ. भूरा चौराहे पर केबल जलने से बिजली गुल हो गई जो रात 11 बजे आई। इसके बाद फिर तकनीकी कारणों से बिजली गुल हो गई जो डेढ़ बजे के बाद शुरू हो सकी। शहर के बेलाताली उपकेंद्र से जुड़ी क्षेत्र की आपूर्ति रात 10 बजे बाधित हो गई जो रात डेढ़ बजे शुरू हो गई। वहीं एआरटीओ उपकेंद्र की आपूर्ति रात नौ से 11 बजे तक बंद रही। शहर के कोयल बाग कॉलोनी से जुड़े सिविल लाइन में केबल जल गया। इससे क्षेत्र की आपूर्ति आठ से 11 बजे तक बाधित रही। शहर के सिटी विद्युत उपकेंद्र की सिनेमा रोड फीडर की आपूर्ति रात 10 से 11 बजे तक प्रभावित हुई।
विज्ञापन
एक नजर में बिजली महकमा
कुल उपभोक्ता-6,14,484
शहरी उपभोक्ता-79,852
कुल विद्युत उपकेंद्र -59
कुल ट्रांसफार्मर -44537
इस माह जले ट्रांसफार्मर-3624
रीवैंप योजना में खर्च -203.48 करोड़
बिजनेस प्लान के तहत खर्च -37.74 करोड़
भीषण गर्मी के कारण लोड बढ़ा है। इससे लोकल फॉल्ट हो रहे हैं। शाम के समय सोलर पैनल बंद होने से उसका लोड भी ग्रिड पर आ जाता है। लोड के कारण केबल व ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं हो रही हैं। उनको तत्काल बदलवाने का कार्य किया जा रहा है। बिजनेस प्लान के तहत नई कार्य योजना भी शासन को भेजी गई है। उपभोक्ताओं को नियमित बिजली मिले इसका प्रयास किया जाता है। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता सदर