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आधार कार्ड मामले में सीडीओ का चढ़ा पारा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 16 May 2015 11:51 PM IST
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मनरेगा के अंतर्गत जाबकार्ड धारकों को आधार कार्ड से
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जोड़ने के पीछे भुगतान की प्रक्रिया को काफी हद तक सुरक्षात्मक बनाने का
प्रयास किया जा रहा है और इसकी जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था को दी गई है,
लेकिन जनपद में जाबकार्ड धारकों को आधार कार्ड से लिंक अप करने की
प्रक्रिया गति नहीं पकड़ पा रही है।
अब इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए ब्लाक स्तरीय अफसरों को कई निर्देश देते हुए चेतावनी दी है। ज्ञात हो कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योेजना से गांवों में काम करने वाले श्रमिकों के जाबकार्ड बनाए गए हैं।
मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को बने जाबकार्ड के माध्यम से ही भुगतान किया जाता है। जिसमें ही पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने कई निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने मनरेगा जाबकार्ड धारकाें को आधार कार्ड से लिंक अप करने के भी निर्देश दिए हैं।
यह भी ज्ञात हो कि जिले में मनरेगा जाबकार्ड धारकों को किए जाने वाले भुगतान में काफी अनियमितता सामने आती रहीं हैं। जिनमें जाबकार्ड धारकों के नाम पर फर्जी भुगतान करा लिए जाने की शिकायतें आई हैं। इसके अलावा एक ही व्यक्ति के अलग अलग कार्ड बनाकर मनरेगा की राशि निकाल कर दुरूपयोग किया जाता है।
इन्हीं सब बातों और समस्याओं पर ही लगाम लगाने को अब जाब कार्ड धारकोें को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। मनरेगा श्रमिकों को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी है। जिसके क्रम में जनपद में भी कार्यदायी संस्था के द्वारा श्रमिकों के जाबकार्ड बनाए जा रहे हैं, लेकिन संस्थाओं द्वारा जाबकार्ड बनाने को लेकर अधिक गंभीरता नजर नहीं आ रही है।
जिले में करीब क्रियाशील करीब दो लाख जाबकार्ड धारकों के सापेक्ष अभी तक 30 फीसदी कार्य भी नहीं हुआ है। जिसको लेकर मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार गुप्ता ने नाराजगी भी व्यक्त की है। सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए खंड विकास अधिकारी और ब्लाक स्तरीय कर्मचारियाें को श्रमिकों को आधार कार्ड से लिंक कराने के निर्देश देते हुए लापरवाही नहीं करने की चेतावनी भी दी है।
अब इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए ब्लाक स्तरीय अफसरों को कई निर्देश देते हुए चेतावनी दी है। ज्ञात हो कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योेजना से गांवों में काम करने वाले श्रमिकों के जाबकार्ड बनाए गए हैं।
मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को बने जाबकार्ड के माध्यम से ही भुगतान किया जाता है। जिसमें ही पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने कई निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने मनरेगा जाबकार्ड धारकाें को आधार कार्ड से लिंक अप करने के भी निर्देश दिए हैं।
यह भी ज्ञात हो कि जिले में मनरेगा जाबकार्ड धारकों को किए जाने वाले भुगतान में काफी अनियमितता सामने आती रहीं हैं। जिनमें जाबकार्ड धारकों के नाम पर फर्जी भुगतान करा लिए जाने की शिकायतें आई हैं। इसके अलावा एक ही व्यक्ति के अलग अलग कार्ड बनाकर मनरेगा की राशि निकाल कर दुरूपयोग किया जाता है।
इन्हीं सब बातों और समस्याओं पर ही लगाम लगाने को अब जाब कार्ड धारकोें को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। मनरेगा श्रमिकों को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी है। जिसके क्रम में जनपद में भी कार्यदायी संस्था के द्वारा श्रमिकों के जाबकार्ड बनाए जा रहे हैं, लेकिन संस्थाओं द्वारा जाबकार्ड बनाने को लेकर अधिक गंभीरता नजर नहीं आ रही है।
जिले में करीब क्रियाशील करीब दो लाख जाबकार्ड धारकों के सापेक्ष अभी तक 30 फीसदी कार्य भी नहीं हुआ है। जिसको लेकर मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार गुप्ता ने नाराजगी भी व्यक्त की है। सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए खंड विकास अधिकारी और ब्लाक स्तरीय कर्मचारियाें को श्रमिकों को आधार कार्ड से लिंक कराने के निर्देश देते हुए लापरवाही नहीं करने की चेतावनी भी दी है।