फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   If the forensic report comes then the court should also complete the hearing soon.

Hardoi News: आ जाए फॉरेंसिक रिपोर्ट तो न्यायालय भी जल्द पूरी करें सुनवाई

Tue, 21 Jan 2025 10:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 10:36 PM IST
विज्ञापन
If the forensic report comes then the court should also complete the hearing soon.
हरदोई। अंग्रेजी कहावत है, ‘जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड’। मतलब यह कि न्याय में देरी, न्याय से वंचित होना है। न्यायालयों ने पिछले कुछ वर्ष में जघन्य अपराधों की सुनवाई तेजी से शुरू की और बड़ी संख्या में मामले निस्तारित किए।
विज्ञापन

न्यायालयों में मुकदमों का बोझ है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे मामले भी हैं, जिनमें सुनवाई पूरी न हो पाने की वाजिव वजह भी हैं। जनपद में बड़ी संख्या में ऐसे मामले लंबित हैं, जिनमें न्यायालय मेें सुनवाई इसलिए नहीं पूरी हो पा रही, क्योंकि फॉरेंसिक रिपोर्ट ही नहीं आई। फॉरेंसिक रिपोर्ट न आ पाने के कारण न तो सुनवाई पूरी हो पा रही है और न ही मामलों का निस्तारण हो पा रहा है।
विज्ञापन


केस 1
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 20 जनवरी 2021 को मासूम बच्ची (6) गांव में ही बच्चों के साथ खेल रही थी। शाम तक वापस घर नहीं पहुंची तो पिता ने गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी। विवेचना में पता चला कि गांव के ही सूरज ने मासूम से दुष्कर्म कर हत्या कर दी। शव को गन्ने के खेत में छिपा दिया। घटना के बाद से सूरज जेल में है। गवाही पूरी हो चुकी है। अक्तूबर 2023 से फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार न्यायालय कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



केस 2

हरियावां थाना क्षेत्र के एक गांव में दो अगस्त 2021 को बच्ची (8) गांव के बाहर तालाब में नारी का साग लेने गई थी। काफी देर होने पर भी वापस नहीं आई तो गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया। दो अगस्त को ही बच्ची का शव गांव में तालाब किनारे गन्ने के खेत में मिला। विवेचना में पता चला कि बच्ची की मां से गांव के ही बाबूराम के अवैध संबंध थे। दोनों को बच्ची ने आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया था। इसी कारण बच्ची की हत्या कर शव गन्ने के खेत में छिपा दिया था। बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि भी हुई थी। मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट अब तक नहीं आई।
केस 3

शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 23 सितंबर 2018 को महिला (55) खेतों में जानवरों के लिए चारा काट रही थी। दिन में लगभग तीन बजे गांव के ही मोनू उर्फ बदरे ने महिला से दुष्कर्म किया। दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ। मामले में छह गवाहों के बयान हो चुके हैं। तकरीबन एक साल से फॉरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट न आने के कारण मामले में अंतिम सुनवाई भी नहीं हो पा रही है।
--------
प्रदेश में हैं 12 विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं

विभागीय सूत्र बताते हैं कि प्रदेश में 12 विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं हैं। यह प्रयोगशालाएं लखनऊ, आगरा, बनारस, मुरादाबाद, गाजियाबाद, बरेली, प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर, गोंडा, अलीगढ़ और कन्नौज में हैं। विधि विज्ञान से जुड़ी हर जांच हर प्रयोगशाला में नहीं होती है। किसी प्रयोगशाला में डीएनए की जांच होती है तो किसी प्रयोगशाला में लिखावट और आवाज की जांच की जाती है। हरदोई से ज्यादातर जांचें लखनऊ और मुरादाबाद की विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में भेजी जाती हैं।


बीएनएस में फॉरेंसिक की भूमिका महत्वपूर्ण
भारतीय न्याय संहिता के लागू होने के बाद विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की जिम्मेदारी बढ़ी है। साथ ही काम का बोझ भी बढ़ा है। भारतीय न्याय संहिता में ज्यादातर घटनाओं में फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का उल्लेख करना होता है। नए कानूनों के लागू होने के बाद से अब बड़ी संख्या में नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed