{"_id":"5755c15c4f1c1b0a1d9c5713","slug":"hot-pockets-the-officers-soft","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेबें गरम तो अफसर नरम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेबें गरम तो अफसर नरम
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
प्लाटिंग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। शहर से सटे विनियमित क्षेत्र में सैकड़ों जगह कृषि भूमि को बिना आवासीय कराए प्लाटिंग की जा रही है। प्लाटिंग एरिया में न ही 30 फीट चौड़ी सड़कें छोड़ी जा रही हैं और न ही 10 फीसदी हिस्से में पार्क। अफसरों की जेबें गरम कर भूमाफिया नियमों का खुलेआम मजाक उड़ा रहे हैं। अफसरों की कार्रवाई केवल फाइलों पर कलम दौड़ाने तक सीमित है।
विज्ञापन
करीब एक साल पहले 40 से अधिक भूमाफिया को नोटिस दिए गए थे और फाइल बंद कर दी गई। अफसरों की मिलीभगत का खामियाजा आगे चलकर उन लोगों को भुगतना पड़ेगा जो इस अवैध प्लाटिंग क्षेत्र में मकान बना रहे हैं। बगैर लेआउट और कृषि भूमि पर बनने वाले उनके मकानों को भविष्य में यही अफसर ध्वस्त भी कर सकते हैं।
विज्ञापन
शहर के आसपास के 41 गांव विनियमित क्षेत्र में आ गए हैं। इसमें 14 गांव मास्टर प्लान में शामिल हो गए हैं। इन 14 गांवों की ज्यादातर भूमि आवासीय घोषित हो गई है। जबकि अन्य गांवों में आबादी क्षेत्र को छोड़कर अन्य भूमि कृषि में ही दर्ज है। इसके बावजूद ऐसे गांवों में अवैध रूप से प्लाटिंग कराई जा रही है।
विज्ञापन
कृषि भूमि के एक ही रकबे पर एक से अधिक प्लाटों की रजिस्ट्री भी माफिया करवा देते हैं। जबकि कृषि भूमि पर फार्म हाउस से ज्यादा कुछ नहीं बनवाया जा सकता। ये सब विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। शिकायत होने पर प्लाटिंग करने वालों को नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है।
दरअसल अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों में सत्ता से जुड़े लोग भी शामिल हैं, इसलिए भी अफसर कार्रवाई करने से गुरेज करते हैं। दरअसल किसानों से एग्रीमेंट कराकर किसानों के माध्यम से ही भूखंडों की रजिस्ट्री कराने वाले कुछ डीलर प्रशासन की निगाह में भी आने से इस लिए बच जाते है कि भूमि किसान के नाम होती है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
किसान भाई किसी के बहकावे में न आएं और एग्रीमेंट कर किसी को प्लाटिंग करने की इजाजत न दें । बिना भूमि वर्ग परिवर्तन कराए और आवासीय भूमि पर भी लेआउट पास कराए बिना प्लाटिंग अवैध है। जिसको लेकर विभाग समय समय पर सर्वे कर नोटिस जारी करता है। भूखंड खरीदने से पहले उसके बारे पूरी जानकारी अवश्य कर लेनी चाहिए । अवैध प्लाटिंग के भूख्ंाड पर आवास बनाना भी अवैध है। - एमके मिश्रा, विनियमित क्षेत्र प्राधिकारी कार्यालय के अवर अभियंता
विभागीय पटल सहायक एवं अवर अभियंता को अवैध प्लाटिंग एवं निर्माण पर सख्ती से लगाम लगाने के लिए क्षेत्र का सर्वे करने एवं नियम विपरीत कार्य पाए जाने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में दी गई नोटिसों के बाद भी विभागीय प्रक्रिया पूरी न करने वालों के प्लाटिंग क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग को बोर्ड लगाया जाए। अवैध प्लाटिंग एरिया पर बोर्ड लगाने के साथ ही संबंधित भूमि का विवरण रजिस्ट्री कार्यालय को भेजकर उस एरिया की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए पत्र भेजा जाए। - पप्पू गुप्ता, एसडीएम सदर एवं प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र