{"_id":"6362a22d34af056b5a1e1375","slug":"hardoi-the-kutcha-roof-of-the-weak-house-collapsed-nephew-died-uncle-gambhir-hardoi-news-knp7261950152","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोईः निर्बल आवास की कच्ची छत ढही, भतीजे की मौत, चाचा गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोईः निर्बल आवास की कच्ची छत ढही, भतीजे की मौत, चाचा गंभीर
विज्ञापन
फोटो-05- मृतक भैयालाल की फाइल फोटो
- फोटो : HARDOI
भरावन। अतरौली थाना क्षेत्र के गांव सिंहपुर में बुधवार दोपहर निर्बल आवास की कच्ची छत ढहने से भतीजे की मौत हो गई। हादसे में मृतक का चाचा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई।
बुधवार करीब 12 बजे महेश अपने निर्बल आवास की कच्ची छत पर चढ़ कर सफाई कर रहा था। उसके पास में भतीजा भैयालाल उर्फ सूरज (12) भी खड़ा था। सफाई के दौरान अचानक आवास की छत भरा भरा कर ढह गई। हादसे में भैया लाल उर्फ सूरज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
गांव के केशन पाल ने बताया कि करीब 40 साल पहले वर्ष पुराने और जर्जर निर्बल आवास की छत पर लकड़ियां व खरपतवार रखे था। बुधवार को सफाई के दौरान छत ढह गई। आवाज सुनकर वह लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे चाचा-भतीजे को जब तक निकाला। भैयालाल की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
वह कंपोजिट विद्यालय परसा में कक्षा पांच का छात्र था। मृतक दो बहनों में अकेला भाई तथा सबसे बड़ा था। घटना के बाद उसकी बहन शिवानी व शिवांगी का रो-रोकर बुरा हाल था। घायल महेश को सीएचसी पर भर्ती कराया गया है।
मृतक भैया लाल के बाबा किशनपाल ने बताया कि करीब 30 साल पहले उन्होंने अपने पड़ोसी रहे खुदड़ीलाल से यह आवास खरीदा था। ग्राम प्रधान डलकौरा ने बताया कि खुदड़ीलाल के 80 के दशक में निर्बल आवास का आवंटन हुआ था। इसके तहत उसे मकान बनाने के लिए सरकार से 7,500 रुपये की सहायता मिली थी। प्रभारी निरीक्षक दीपक शुक्ल ने बताया कि इस संबंध में अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
विज्ञापन
बुधवार करीब 12 बजे महेश अपने निर्बल आवास की कच्ची छत पर चढ़ कर सफाई कर रहा था। उसके पास में भतीजा भैयालाल उर्फ सूरज (12) भी खड़ा था। सफाई के दौरान अचानक आवास की छत भरा भरा कर ढह गई। हादसे में भैया लाल उर्फ सूरज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
विज्ञापन
गांव के केशन पाल ने बताया कि करीब 40 साल पहले वर्ष पुराने और जर्जर निर्बल आवास की छत पर लकड़ियां व खरपतवार रखे था। बुधवार को सफाई के दौरान छत ढह गई। आवाज सुनकर वह लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे चाचा-भतीजे को जब तक निकाला। भैयालाल की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
वह कंपोजिट विद्यालय परसा में कक्षा पांच का छात्र था। मृतक दो बहनों में अकेला भाई तथा सबसे बड़ा था। घटना के बाद उसकी बहन शिवानी व शिवांगी का रो-रोकर बुरा हाल था। घायल महेश को सीएचसी पर भर्ती कराया गया है।
मृतक भैया लाल के बाबा किशनपाल ने बताया कि करीब 30 साल पहले उन्होंने अपने पड़ोसी रहे खुदड़ीलाल से यह आवास खरीदा था। ग्राम प्रधान डलकौरा ने बताया कि खुदड़ीलाल के 80 के दशक में निर्बल आवास का आवंटन हुआ था। इसके तहत उसे मकान बनाने के लिए सरकार से 7,500 रुपये की सहायता मिली थी। प्रभारी निरीक्षक दीपक शुक्ल ने बताया कि इस संबंध में अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है।

फोटो-06- रोते बिलखते परिजन- फोटो : HARDOI

फोटो-07- इंदिरा आवास की गिरी छत- फोटो : HARDOI