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पत्नी प्रधानी हारीं, पति निर्विरोध ब्लाक प्रमुख निर्वाचित
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हरदोई। राजनीति संभावनाओं का खेल है और भाग्य भी इसमें अहम भूमिका निभाता है। कम से कम शाहाबाद से ब्लाक प्रमुख पद पर त्रिपुरेश मिश्रा के निर्विरोध निर्वाचन से इस बात को काफी मजबूती मिलती है। पत्नी ग्राम प्रधान का चुनाव हार गई, लेकिन त्रिपुरेश मिश्रा शाहाबाद से निर्विरोध निर्वाचित हुए है।
शाहाबाद विकास खंड के ग्राम उधरनपुर निवासी त्रिपुरेश मिश्रा पिछले लगभग डेढ़ दशक से गंवई राजनीति में सक्रिय हैं। वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव में वह पहली बार ग्राम उधरनपुर से प्रधान निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान का पद महिला के लिए आरक्षित हुआ, तो त्रिपुरेश मिश्रा की पत्नी आरती मिश्रा ग्राम प्रधान निर्वाचित हुईं। इस वर्ष हुए पंचायत चुनाव में उधरनपुर में प्रधान पद अनारक्षित था, लेकिन त्रिपुरेश मिश्रा ने अपनी पत्नी आरती मिश्रा को मैदान में उतारा। इस बार आरती मिश्रा 49 वोटों से चुनाव हार गईं, लेकिन त्रिपुरेश उधरनपुर तृतीय सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव जीत गए।
इसके बाद त्रिपुरेश ने ब्लाक प्रमुख पद हासिल करने के लिए ताना बाना बुनना शुरू कर दिया। क्षेत्रीय विधायक रजनी तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा और सदर सांसद जय प्रकाश का साथ मिलने से उन्हें पार्टी का टिकट भी मिला और निर्विरोध निर्वाचन भी हो गया।
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शाहाबाद विकास खंड के ग्राम उधरनपुर निवासी त्रिपुरेश मिश्रा पिछले लगभग डेढ़ दशक से गंवई राजनीति में सक्रिय हैं। वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव में वह पहली बार ग्राम उधरनपुर से प्रधान निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान का पद महिला के लिए आरक्षित हुआ, तो त्रिपुरेश मिश्रा की पत्नी आरती मिश्रा ग्राम प्रधान निर्वाचित हुईं। इस वर्ष हुए पंचायत चुनाव में उधरनपुर में प्रधान पद अनारक्षित था, लेकिन त्रिपुरेश मिश्रा ने अपनी पत्नी आरती मिश्रा को मैदान में उतारा। इस बार आरती मिश्रा 49 वोटों से चुनाव हार गईं, लेकिन त्रिपुरेश उधरनपुर तृतीय सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव जीत गए।
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इसके बाद त्रिपुरेश ने ब्लाक प्रमुख पद हासिल करने के लिए ताना बाना बुनना शुरू कर दिया। क्षेत्रीय विधायक रजनी तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा और सदर सांसद जय प्रकाश का साथ मिलने से उन्हें पार्टी का टिकट भी मिला और निर्विरोध निर्वाचन भी हो गया।
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