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हरदोईः सुुसाइड नोट से फंसी पुलिस, विवेचक व दो सिपाही लाइन जाहिर
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हरदोई। अतरौली थाना क्षेत्र के एक गांव में युवक से परेशान होकर युवती के आत्महत्या करने के बाद उसकी डायरी में मिले सुसाइड नोट से पुलिस अपनी कार्यशैली के जाल में फंस गई है।
एसपी ने निष्पक्ष जांच करने की बात कहकर पूर्व विवेचक और दो बीट सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है। एएसपी पूर्वी को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्र के एक गांव निवासी 19 वर्षीय युवती का शव मंगलवार की सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला था। उसके कमरे में एक डायरी में सुसाइड नोट लिखा मिला था। पुलिस ने डायरी को कब्जे में लिया था।
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इसमें युवती ने मरने से पहले पुलिस को गंदा बताकर कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए थे। इसके बाद से पुलिस की कार्रवाई पर उंगलियां उठने लगीं।
एसपी राजेश द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर जांच करने के साथ ही पुलिस की कार्यशैली की जांच एएसपी पूर्वी अनिल सिंह को सौंप दी। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच न करने पर पूर्व विवेचक रविंद्र सिंह, सिपाही सभाजीत सिंह, शुभम यादव को लाइन हाजिर कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले मेें अगर पुलिस दोषी नहीं है, तो लाइन हाजिर की कार्रवाई क्यों की गई। फिलहाल परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एसपी ने बताया कि युवती की चाची पर आरोपी द्वारा हमला किए जाने के मामले में चार्टशीट लगाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। परिजनों के समझ में था कि पुलिस ने उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
युवती के मोबाइल से सबूत तलाश रही पुलिस
युवती के कमरे में सुसाइड नोट लिखी डायरी के साथ पुलिस को मोबाइल मिला था। वहीं सुसाइड नोट में युवती ने अपने मोबाइल का कोड नंबर लिखा था। मोबाइल में सब मिलने का जिक्र किया था। पुलिस युवती के मोबाइल के जरिये सबूत तलाश रही है। इसके साथ ही सुसाइड नोट जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल
युवती के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी अरविंद को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने सुसाइड नोट में युवती द्वारा लगाए गए आरोप कबूल किए हैं। बुधवार को पुलिस ने आरोपी का डॉक्टरी परीक्षण कराकर उसे जेल भेज दिया।
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एसपी ने निष्पक्ष जांच करने की बात कहकर पूर्व विवेचक और दो बीट सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है। एएसपी पूर्वी को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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क्षेत्र के एक गांव निवासी 19 वर्षीय युवती का शव मंगलवार की सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला था। उसके कमरे में एक डायरी में सुसाइड नोट लिखा मिला था। पुलिस ने डायरी को कब्जे में लिया था।
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इसमें युवती ने मरने से पहले पुलिस को गंदा बताकर कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए थे। इसके बाद से पुलिस की कार्रवाई पर उंगलियां उठने लगीं।
एसपी राजेश द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर जांच करने के साथ ही पुलिस की कार्यशैली की जांच एएसपी पूर्वी अनिल सिंह को सौंप दी। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच न करने पर पूर्व विवेचक रविंद्र सिंह, सिपाही सभाजीत सिंह, शुभम यादव को लाइन हाजिर कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले मेें अगर पुलिस दोषी नहीं है, तो लाइन हाजिर की कार्रवाई क्यों की गई। फिलहाल परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एसपी ने बताया कि युवती की चाची पर आरोपी द्वारा हमला किए जाने के मामले में चार्टशीट लगाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। परिजनों के समझ में था कि पुलिस ने उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
युवती के मोबाइल से सबूत तलाश रही पुलिस
युवती के कमरे में सुसाइड नोट लिखी डायरी के साथ पुलिस को मोबाइल मिला था। वहीं सुसाइड नोट में युवती ने अपने मोबाइल का कोड नंबर लिखा था। मोबाइल में सब मिलने का जिक्र किया था। पुलिस युवती के मोबाइल के जरिये सबूत तलाश रही है। इसके साथ ही सुसाइड नोट जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल
युवती के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी अरविंद को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने सुसाइड नोट में युवती द्वारा लगाए गए आरोप कबूल किए हैं। बुधवार को पुलिस ने आरोपी का डॉक्टरी परीक्षण कराकर उसे जेल भेज दिया।