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उपभोक्ता फोरम ने सहारा इंडिया को तीन पीड़ितों की राशि भुगतान का दिया आदेश
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हरदोई। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष व सदस्यों ने कैनाल रोड स्थित सहारा इंडिया बैंक की शाखा में अलग-अलग प्लान के तहत जमा धनराशि का समय पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं करने तीन मामलों की सुनवाई की।
इसके बाद तीनों मामलों में पीड़ितों की धनराशि 45 दिन के अंदर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। तय समय सीमा में रुपये नहीं देने पर 7 फीसदी वार्षिक दर से ब्याज की रकम देने का भी आदेश दिया है।
मोहल्ला इदरीशगंज निवासी मोहम्मद जफर ने शाखा प्रबंधक सहारा इंडिया सहारा कैनाल रोड हरदोई के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया था।
इसमें बताया था कि सहारा ए सिलेक्ट योजना में 13 हजार रुपये 18 माह के लिए जमा किए थे। जिसकी समय सीमा 28 मार्च 2018 पूरी हो गई थी। परिवादी को 15 हजार 119 रुपये मिलने थे।
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वह बैंक गया तो एजेंट ने क्लेम फार्म शाखा में जमा करा दिया। उसने धनराशि मांगी तो शाखा प्रबंधक ने कहा ऊपर से पैसा नहीं आया है। इसके बाद से उसे लगातार टरकाया जाता रहा।
फोरम में उसने जमा राशि के साथ क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपये की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद फोरम ने परिवादी की जमा राशि और मानसिक क्षतिपूर्ति और मुकदमे के दौरान भागदौड़ में खर्च हुए 5 हजार को मिलाकर 25 हजार रुपये 45 दिन के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया है।
यह भी कहा कि तय समय में धनराशि नहीं दी जाती है तो मुकदमा दायर करने की तिथि से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से बैंक को रुपया देना होगा।
इसी तरह घंटाघर रोड निवासी श्रद्धा जायसवाल ने भी उपभोक्ता फोरम में वाद दर्ज किया था। जिसमें सहारा न्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड प्लान के तहत 9 अगस्त 2012 को 14 हजार 250 रुपये जमा किए थे।
समय सीमा पूरी होने पर क्लेम किया लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया। फोरम ने 45 दिन में जमा धनराशि व मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार रुपये अतिरिक्त का भुगतान करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा मोहल्ला मलकंठ निवासी ऋषभ कुमार को 26 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। सभी मामलों की सुनवाई कर उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष बाबू प्रसाद, सदस्य दिलशाद अली और सदस्य सुरभि अग्रवाल ने फैसला सुनाया।
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इसके बाद तीनों मामलों में पीड़ितों की धनराशि 45 दिन के अंदर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। तय समय सीमा में रुपये नहीं देने पर 7 फीसदी वार्षिक दर से ब्याज की रकम देने का भी आदेश दिया है।
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मोहल्ला इदरीशगंज निवासी मोहम्मद जफर ने शाखा प्रबंधक सहारा इंडिया सहारा कैनाल रोड हरदोई के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया था।
इसमें बताया था कि सहारा ए सिलेक्ट योजना में 13 हजार रुपये 18 माह के लिए जमा किए थे। जिसकी समय सीमा 28 मार्च 2018 पूरी हो गई थी। परिवादी को 15 हजार 119 रुपये मिलने थे।
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वह बैंक गया तो एजेंट ने क्लेम फार्म शाखा में जमा करा दिया। उसने धनराशि मांगी तो शाखा प्रबंधक ने कहा ऊपर से पैसा नहीं आया है। इसके बाद से उसे लगातार टरकाया जाता रहा।
फोरम में उसने जमा राशि के साथ क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपये की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद फोरम ने परिवादी की जमा राशि और मानसिक क्षतिपूर्ति और मुकदमे के दौरान भागदौड़ में खर्च हुए 5 हजार को मिलाकर 25 हजार रुपये 45 दिन के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया है।
यह भी कहा कि तय समय में धनराशि नहीं दी जाती है तो मुकदमा दायर करने की तिथि से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से बैंक को रुपया देना होगा।
इसी तरह घंटाघर रोड निवासी श्रद्धा जायसवाल ने भी उपभोक्ता फोरम में वाद दर्ज किया था। जिसमें सहारा न्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड प्लान के तहत 9 अगस्त 2012 को 14 हजार 250 रुपये जमा किए थे।
समय सीमा पूरी होने पर क्लेम किया लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया। फोरम ने 45 दिन में जमा धनराशि व मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार रुपये अतिरिक्त का भुगतान करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा मोहल्ला मलकंठ निवासी ऋषभ कुमार को 26 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। सभी मामलों की सुनवाई कर उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष बाबू प्रसाद, सदस्य दिलशाद अली और सदस्य सुरभि अग्रवाल ने फैसला सुनाया।