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172 ग्राम पंचायतों ने नहीं जमा की अनियमितता की राशि
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हरदोई। मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 में कराए गए कार्यों में सोशल ऑडिट के दौरान मिली अनियमितताओं के आधार पर रिकवरी की कार्रवाई जिले में नहीं हो पा रही है। अब जिला विकास अधिकारी ने मनरेगा उपायुक्त को पत्र लिखकर जिले की 172 ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट के दौरान तय हुई रिकवरी को जमा कराने के लिए कहा है। मनरेगा उपायुक्त से यह अपेक्षा भी की गई है कि ब्लॉकों में तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से निर्धारित रिकवरी जमा कराई जाए।
मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण यानी सोशल ऑडिट कराया जाता है। सोशल ऑडिट के दौरान जो खामियां मिलती हैं, उन कार्यों के सापेक्ष रिकवरी निर्धारित कर दी जाती है। रिकवरी संबंधित ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को जमा करानी होती है। यूं तो सोशल ऑडिट के दौरान अनियमितता पकड़ में आने पर एफआईआर दर्ज कराने का भी नियम है लेकिन आम तौर पर मामूली खामियां मिलने पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई जाती और रिकवरी करा ली जाती है। जिले में वर्ष 2019-20 के कार्यों का सोशल ऑडिट कराया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में अनियमितताएं मिलने पर रिकवरी निर्धारित कर दी गई थी।
जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह के मुताबिक 172 ग्राम पंचायतों ने अब भी रिकवरी की राशि जमा नहीं की है। पूर्व में इन ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद रिकवरी की राशि जमा नहीं की गई। जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मनरेगा उपायुक्त को पत्र लिखा गया हैं। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि अभी पत्र नहीं मिला है, पत्र मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण यानी सोशल ऑडिट कराया जाता है। सोशल ऑडिट के दौरान जो खामियां मिलती हैं, उन कार्यों के सापेक्ष रिकवरी निर्धारित कर दी जाती है। रिकवरी संबंधित ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को जमा करानी होती है। यूं तो सोशल ऑडिट के दौरान अनियमितता पकड़ में आने पर एफआईआर दर्ज कराने का भी नियम है लेकिन आम तौर पर मामूली खामियां मिलने पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई जाती और रिकवरी करा ली जाती है। जिले में वर्ष 2019-20 के कार्यों का सोशल ऑडिट कराया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में अनियमितताएं मिलने पर रिकवरी निर्धारित कर दी गई थी।
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जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह के मुताबिक 172 ग्राम पंचायतों ने अब भी रिकवरी की राशि जमा नहीं की है। पूर्व में इन ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद रिकवरी की राशि जमा नहीं की गई। जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मनरेगा उपायुक्त को पत्र लिखा गया हैं। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि अभी पत्र नहीं मिला है, पत्र मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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