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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गलत नोटिसों का दिया जाएगा जवाब
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फोटो-29-बैठक को संबोधित करते समिति के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जनपद के 74 ईंट भट्ठों को बंद करने की नोटिस जारी होने के बाद भट्ठा मालिकों ने भी मोर्चा खोल दिया है। ईंट निर्माता कल्याण समिति की बैठक में कहा गया कि जिन भट्ठा मालिकों के पास लाइसेंस और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की सहमति है, अगर उनको नोटिस मिले हैं, तो समिति आगे की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी।
शहर में घंटाघर मार्ग पर स्थित एक होटल में हुई ईंट निर्माता कल्याण समिति की बैठक में जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने कहा कि 74 भट्ठों को बंद करने की नोटिस जारी हुआ है। इनमें कई ऐसे भट्ठे हैं जिनके पास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की सहमति है। उन्होंने कहा कि ऐसे भट्ठों के लिए पूरी मजबूती से लड़ाई लड़ी जाएगी। यह भी कहा कि जिला पंचायत की ओर से भट्ठा संचालन का लाइसेंस तभी मिलता है, जब प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जाता है। ऐसे में इस सूची से ही परीक्षण किया जाना चाहिए था। कई भट्ठे ऐसे भी हैं जिनके पास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की सहमति नहीं है, लेकिन उनको नोटिस नहीं दिए गए हैं।
समिति के महामंत्री योगेंद्र दत्त मिश्रा ने बताया कि कई ऐसे भट्ठों को भी नोटिस जारी किया गया है जो कई वर्ष पूर्व बंद हो चुके हैं। ऐसे में विभाग को दोबारा जांच करानी चाहिए। बैठक का संचालन समिति के जिला उपाध्यक्ष विमल गुप्ता ने किया। इस दौरान रंजन गुप्ता, आलोक अग्रवाल, रामआसरे आदि मौजूद रहे।
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शहर में घंटाघर मार्ग पर स्थित एक होटल में हुई ईंट निर्माता कल्याण समिति की बैठक में जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने कहा कि 74 भट्ठों को बंद करने की नोटिस जारी हुआ है। इनमें कई ऐसे भट्ठे हैं जिनके पास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की सहमति है। उन्होंने कहा कि ऐसे भट्ठों के लिए पूरी मजबूती से लड़ाई लड़ी जाएगी। यह भी कहा कि जिला पंचायत की ओर से भट्ठा संचालन का लाइसेंस तभी मिलता है, जब प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जाता है। ऐसे में इस सूची से ही परीक्षण किया जाना चाहिए था। कई भट्ठे ऐसे भी हैं जिनके पास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की सहमति नहीं है, लेकिन उनको नोटिस नहीं दिए गए हैं।
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समिति के महामंत्री योगेंद्र दत्त मिश्रा ने बताया कि कई ऐसे भट्ठों को भी नोटिस जारी किया गया है जो कई वर्ष पूर्व बंद हो चुके हैं। ऐसे में विभाग को दोबारा जांच करानी चाहिए। बैठक का संचालन समिति के जिला उपाध्यक्ष विमल गुप्ता ने किया। इस दौरान रंजन गुप्ता, आलोक अग्रवाल, रामआसरे आदि मौजूद रहे।
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