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डिजिटल एक्सरे मशीन खराब,मरीज हुए परेशान
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फोटो-01-चिकित्सालय का बंद डिजिटल एक्सरे कक्ष
- फोटो : HARDOI
हरदोई। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। यहां कभी पैथालॉजी में जांचें ठप हो जाती हैं, तो कभी एक्सरे सेवाएं बंद हो जाती हैं। सोमवार को अचानक डिजिटल एक्सरे मशीन खराब हो गई। इस कारण मरीज घंटों इंतजार करने के बाद बैरंग लौट गए।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की सेवाएं अक्सर बदहाल रहती हैं। यहां प्रतिदिन ओपीडी में एक हजार मरीज आते हैं। इमरजेंसी कक्ष में रोजाना 50-60 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
अस्पताल में डिजिटल एक्सरे, पैथालॉजी, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं हैं। इसके बाद भी मरीजों को नियमित यह सेवाएं नहीं मिल पाती। यहां रोजाना 140-150 मरीजों के एक्सरे होते हैं।
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सोमवार को सुबह से एक्सरे के लिए मरीजों की कतार लगी थी। इस दौरान डिजिटल एक्सरे मशीन के साफ्टवेयर में खराबी आने से काम ठप हो गई। घंटों इंतजार करने के बाद मरीजों को बिना एक्सरे कराए बैरंग लौटना पड़ा।
कुछ मरीजों के तीमारदार निजी एक्सरे सेंटरों पर जाकर रुपये खर्च करके एक्सरे कराया। सीएमएस डॉ. जेएन तिवारी ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन में तकनीकी खराबी आने से एक्सरे नहीं हो पाए। इंजीनियर को सूचना दे दी गई है। जल्द सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
मैनुअल एक्सरे मशीन भी बंद
जिला अस्पताल में पहले मैनुअल मशीन से एक्सरे हो रहे थे। डिजिटल मशीन आने के बाद इसे बंद कर दिया गया। इस कारण यह मशीन कबाड़ हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मशीन को दुरुस्त कराना मुनासिब नहीं समझा, डिजिटल मशीन खराब होने से अब मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की सेवाएं अक्सर बदहाल रहती हैं। यहां प्रतिदिन ओपीडी में एक हजार मरीज आते हैं। इमरजेंसी कक्ष में रोजाना 50-60 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
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अस्पताल में डिजिटल एक्सरे, पैथालॉजी, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं हैं। इसके बाद भी मरीजों को नियमित यह सेवाएं नहीं मिल पाती। यहां रोजाना 140-150 मरीजों के एक्सरे होते हैं।
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सोमवार को सुबह से एक्सरे के लिए मरीजों की कतार लगी थी। इस दौरान डिजिटल एक्सरे मशीन के साफ्टवेयर में खराबी आने से काम ठप हो गई। घंटों इंतजार करने के बाद मरीजों को बिना एक्सरे कराए बैरंग लौटना पड़ा।
कुछ मरीजों के तीमारदार निजी एक्सरे सेंटरों पर जाकर रुपये खर्च करके एक्सरे कराया। सीएमएस डॉ. जेएन तिवारी ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन में तकनीकी खराबी आने से एक्सरे नहीं हो पाए। इंजीनियर को सूचना दे दी गई है। जल्द सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
मैनुअल एक्सरे मशीन भी बंद
जिला अस्पताल में पहले मैनुअल मशीन से एक्सरे हो रहे थे। डिजिटल मशीन आने के बाद इसे बंद कर दिया गया। इस कारण यह मशीन कबाड़ हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मशीन को दुरुस्त कराना मुनासिब नहीं समझा, डिजिटल मशीन खराब होने से अब मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

फोटो-02- एक्स-रे कक्ष के बाहर स्ट्रेचर पर लेटे- फोटो : HARDOI