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हरदोई: पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास, साढ़े सात साल पुराने मामले में सुनाई गई सजा
Fri, 01 Oct 2021 05:52 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 01 Oct 2021 05:52 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : amar ujala
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हरदोई में लगभग साढ़े सात वर्ष पहले हुई पत्नी की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हेमेंद्र कुमार सिंह ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 36 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माने की 80 फीसदी रकम मृतका के बच्चों को दिए जाने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह ने बताया कि 18 फरवरी 2014 को पिहानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इटारा निवासी मायादेवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि उसका पुत्र सीताराम 18 फरवरी की सुबह अपनी पत्नी ऊषा को गन्ने की पाती एकत्र करने के लिए खेत ले गया था।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह ने बताया कि 18 फरवरी 2014 को पिहानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इटारा निवासी मायादेवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि उसका पुत्र सीताराम 18 फरवरी की सुबह अपनी पत्नी ऊषा को गन्ने की पाती एकत्र करने के लिए खेत ले गया था।
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इसके बाद सीताराम और ऊषा वापस नहीं लौटे। २१ फरवरी को गांव के ही एक व्यक्ति के गन्ने के खेत में ऊषा देवी का शव पड़ा मिला। इसके बाद विवेचना में मायादेवी ने पुलिस को बताया कि ऊषा का चाल चलन ठीक नहीं था। इसको लेकर ऊषा का विवाद पति सीताराम से आए दिन होता था।
उसने शंका जताई थी कि सीताराम ने ही ऊषा की हत्या कर दी। विवेचना के दौरान पुलिस ने सीताराम को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद कर लिया।
न्यायालय में चली सुनवाई के बाद परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमेंद्र कुमार सिंह ने सीताराम को हत्या का दोषी करार दिया। इसके लिए आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये का जुर्माना किया है। साथ ही अवैध शस्त्र रखने के आरोप में दो वर्ष की कैद और दो हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
उसने शंका जताई थी कि सीताराम ने ही ऊषा की हत्या कर दी। विवेचना के दौरान पुलिस ने सीताराम को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद कर लिया।
न्यायालय में चली सुनवाई के बाद परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमेंद्र कुमार सिंह ने सीताराम को हत्या का दोषी करार दिया। इसके लिए आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये का जुर्माना किया है। साथ ही अवैध शस्त्र रखने के आरोप में दो वर्ष की कैद और दो हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।