{"_id":"60dcb59c8ebc3eba71538af7","slug":"hardoi-hardoi-news-hardoi-news-knp6374858106","type":"story","status":"publish","title_hn":"न दुष्कर्म पीड़िता घर पर मिली, न डीएम एसपी आए बैठक में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न दुष्कर्म पीड़िता घर पर मिली, न डीएम एसपी आए बैठक में
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बिलग्राम तहसील सभागर में अधिकारियों के साथ बैठक करतीं राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग की सदस्य, पूर्व स?
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। अनुसूचित जाति की किशोरियों के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं में पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचीं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य पूर्व सांसद अंजू बाला हालात देखकर हतप्रभ हो गईं। एक सप्ताह पहले आने की जानकारी देने पर भी सांडी थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता घर पर नहीं मिली, तो पहले से तय कार्यक्रम के बाद भी डीएम और एसपी बैठक में नहीं पहुंचे। इससे आक्रोशित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य अंजू बाला ने यहां तक कह दिया कि गलती अधिकारियों की होती है और बदनामी सरकार की। संबंधित घटनाओं में अब तक हुई कार्यवाई पर भी उन्होंने असंतोष जताया।
पूर्व सांसद अंजू बाला हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक माह पूर्व किशेारी के साथ दुष्कर्म के बाद हुई हत्या की घटना के बारे में जानकारी लेने गांव पहुंचीं। पीड़ित परिवार से जानकारी ली, तीन लोगों पर मामला दर्ज होने और मुख्य आरोपी को जेल भेजे जाने का पता चला।
इसी तरह सांडी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना में भी आयोग की सदस्य ने गांव का जायजा लिया। यहां पीड़ित परिवार के अलावा आरोपी बनाए गए युवकों के परिजनों ने भी उनसे मुलाकात की। इसके बाद बिलग्राम के तहसील सभागार में उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी को निर्देश दिए कि दोनों ही घटनाओं की जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। पीड़ित परिवारों के लोग भी संतुष्ट नहीं हैं। दोनों परिवारों को पूर्ण न्याय दिलाने और संतुष्ट करने को कहा। ऐसा न होने पर आयोग में दिल्ली तलब करने की चेतावनी भी दी।
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बाद में पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग की सदस्य ने कहा कि लोगों को उम्मीद है कि न्याय मिलेगा, जब जिले से पीड़ित निराश होते हैं तो लोग आयोग का रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि डीएम और एसपी के साथ बैठक होनी थी, लेकिन दोनों अधिकारी नहीं आए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के न आने का कारण नहीं पता है और यह तभी पता चलेगा, जब अधिकारी लिखित रूप से इस बारे में अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि गलती अधिकारी करते हैं और छवि सरकार की खराब होती है।
कहा कि सांडी थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता से मिलने के लिए कार्यक्रम की जानकारी एक सप्ताह पहले दे दी गई थी, लेकिन फिर भी किशोरी नहीं मिली। क्योंकि परिजनों को उनके कार्यक्रम के बारे में जानकारी ही नहीं दी गई।
गुनहगार बख्शे न जाएं और बेगुनाह को जेल न भेजें
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों के परिजन भी अंजू बाला से मिले। इस दौरान अंजू बाला ने उन्हें भी भरोसा दिलाया, कि न्याय संगत कार्रवाई होगी। पत्रकारों से बातचीत में भी उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बता दिया है कि गुनहगार किसी हाल में बचने नहीं चाहिए और बेगुनाह को सजा नहीं मिलनी चाहिए। सभी को न्याय दिलाना अधिकारियों का भी कर्तव्य है।
15 दिन में सब दुरुस्त न हुआ तो दिल्ली तलब करेंगे
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य अंजू बाला ने अधिकारियों से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 15 दिन का समय है। अनुसूचित जाति उत्पीड़न से जुड़े इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई के साथ पीड़ितों की संतुष्टि भी दिखनी चाहिए। ऐसा न हुआ, तो फिर आयोग में अफसरों को दिल्ली तलब किया जाएगा। अंजू बाला के यह तेवर देख बिलग्राम तहसील सभागार में मौजूद कई अधिकारियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं।
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पूर्व सांसद अंजू बाला हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक माह पूर्व किशेारी के साथ दुष्कर्म के बाद हुई हत्या की घटना के बारे में जानकारी लेने गांव पहुंचीं। पीड़ित परिवार से जानकारी ली, तीन लोगों पर मामला दर्ज होने और मुख्य आरोपी को जेल भेजे जाने का पता चला।
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इसी तरह सांडी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना में भी आयोग की सदस्य ने गांव का जायजा लिया। यहां पीड़ित परिवार के अलावा आरोपी बनाए गए युवकों के परिजनों ने भी उनसे मुलाकात की। इसके बाद बिलग्राम के तहसील सभागार में उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी को निर्देश दिए कि दोनों ही घटनाओं की जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। पीड़ित परिवारों के लोग भी संतुष्ट नहीं हैं। दोनों परिवारों को पूर्ण न्याय दिलाने और संतुष्ट करने को कहा। ऐसा न होने पर आयोग में दिल्ली तलब करने की चेतावनी भी दी।
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बाद में पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग की सदस्य ने कहा कि लोगों को उम्मीद है कि न्याय मिलेगा, जब जिले से पीड़ित निराश होते हैं तो लोग आयोग का रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि डीएम और एसपी के साथ बैठक होनी थी, लेकिन दोनों अधिकारी नहीं आए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के न आने का कारण नहीं पता है और यह तभी पता चलेगा, जब अधिकारी लिखित रूप से इस बारे में अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि गलती अधिकारी करते हैं और छवि सरकार की खराब होती है।
कहा कि सांडी थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता से मिलने के लिए कार्यक्रम की जानकारी एक सप्ताह पहले दे दी गई थी, लेकिन फिर भी किशोरी नहीं मिली। क्योंकि परिजनों को उनके कार्यक्रम के बारे में जानकारी ही नहीं दी गई।
गुनहगार बख्शे न जाएं और बेगुनाह को जेल न भेजें
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों के परिजन भी अंजू बाला से मिले। इस दौरान अंजू बाला ने उन्हें भी भरोसा दिलाया, कि न्याय संगत कार्रवाई होगी। पत्रकारों से बातचीत में भी उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बता दिया है कि गुनहगार किसी हाल में बचने नहीं चाहिए और बेगुनाह को सजा नहीं मिलनी चाहिए। सभी को न्याय दिलाना अधिकारियों का भी कर्तव्य है।
15 दिन में सब दुरुस्त न हुआ तो दिल्ली तलब करेंगे
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य अंजू बाला ने अधिकारियों से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 15 दिन का समय है। अनुसूचित जाति उत्पीड़न से जुड़े इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई के साथ पीड़ितों की संतुष्टि भी दिखनी चाहिए। ऐसा न हुआ, तो फिर आयोग में अफसरों को दिल्ली तलब किया जाएगा। अंजू बाला के यह तेवर देख बिलग्राम तहसील सभागार में मौजूद कई अधिकारियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं।