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हरदोई: पैसेंजर व मालगाड़ी की चपेट में आकर आठ गोवंशों की मौत

Thu, 19 Aug 2021 09:29 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 19 Aug 2021 09:29 PM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने ट्रैक पर पड़े मृत गोवंशों को किनारे करवाया। रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेनों का आवागमन सामान्य रूप से जारी होने की बात कही है।

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Hardoi: Eight cows died in the grip of passenger and goods train
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लखनऊ-दिल्ली रेलमार्ग पर ककवाही व कोर्रिया गांव के बीच गुरुवार की शाम अप और डाउन ट्रैक पर मालगाड़ी और पैसेंजर की चपेट में आकर आठ गोवंशों की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासभा के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
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पदाधिकारियों ने ट्रैक पर पड़े मृत गोवंशों को किनारे करवाया। रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेनों का आवागमन सामान्य रूप से जारी होने की बात कही है। गुरुवार की शाम छुट्टा मवेशियों का एक झुंड ककवाही व कोर्रिया गांव के बीच लखनऊ दिल्ली रेलमार्ग पर आ गया।
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इस दौरान हरदोई से निकली मालगाड़ी व दूसरे ट्रैक पर सामने से पैसेंजर आ गई। दोनों ट्रेनों की चपेट में आने पर आठ गोवंशों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए।
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लगभग डेढ़ घंटे तक मृत मवेशी ट्रैक पर ही पड़े रहे, लेकिन रेलवे से कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासभा के युवा जिलाध्यक्ष अमन कुमार गुप्ता, मुकेश गुप्ता व शैलेंद्र पाल ने अन्य पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से मृत गोवंशों को ट्रैक से किनारे करवाया।

जिलाध्यक्ष अमन कुमार गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को वह सभी गोवंशों का अंतिम संस्कार कराएंगे। हरदोई स्टेशन अधीक्षक राजीव आर्या ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। अप और डाउन दोनों रूट पर ट्रेनों का आवागमन निर्बाध रूप से जारी है। 

नजर आते हैं छुट्टा मवेशियों के झुंड 
शहर हो या गांव छुट्टा मवेशी सभी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। सरकार ने इन्हें सुरक्षित स्थान मुहैया कराने के लिए जगह जगह पशु आश्रय स्थल बनवाए हैं, लेकिन इनमें नाम मात्र के ही मवेशी संरक्षित हैं। अब भी बड़ी संख्या में छुट्टा मवेशी शहर में सड़कों पर व ग्रामीण अंचलों में खेतों में घूमते नजर आ जाते हैं। ये छुट्टा मवेशी आए दिन होने वाले हादसों का भी सबब बने हुए हैं।
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