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हरदोईः जमा में 50 मिनट तक फंसी रही एंबुलेंस, घर में प्रसूता दर्द से कराहती रही
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फोटो-37- पाली के बाबरपुर में लगे जाम में फंसी एंबुलेंस
- फोटो : HARDOI
हरदोई। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत काफिले में प्रसूता को लेने उसके घर जा रही एंबुलेंस फंस गई। नेताओं ने अपना चेहरा दिखाने की होड़ में एंबुलेंस फंसे होने का ध्यान नहीं दिया। ऐसे में करीब 50 मिनट तक प्रसूता घर पर प्रसव पीड़ा से कराहती रही। चालक ने पुलिस की मदद से किसी तरह एंबुलेंस को जाम से बाहर निकाला। इसके बाद प्रसूता के घर पहुंचकर उसे अस्पताल पहुंचाया।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी शुक्रवार शाम बाबरपुर पहुंचे थे। यहां उनका स्वागत एवं सम्मान समारोह होना था। उनके साथ बीजेपी के कई नेता व विधायक भी थे। काफिले में इतने अधिक वहन हो गए की गांव के बाहर तक जाम लग गया। इस बीच ख्वाजगीपुर प्रसूता को लेने जा रही एंबुलेंस बीजेपी नेताओं की गाड़ियों के कारण जाम में फंस गई।
एंबुलेंस के एमटी गौरव राजपूत ने बताया कि वह ख्वाजगीपुर गांव मरीज लेने जा रहे थे पर आगे पीछे बीजेपी नेताओं की गाड़ियों के कारण वह जाम में फंस गए। प्रसूता के घर से लगातार उसके पास फोन आता रहा लेकिन जाम में फंसे होने के कारण वह कुछ नहीं कर सका।
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इस बीच कई नेताओं ने देखा कि एंबुलेंस फंसी हैं लेकिन किसी ने यह जरूरत नहीं समझी कि इसे बाहर निकलवा दिया जाए। इधर घर में प्रसूता की हालत बिगड़ती जा रही थी। किसी तरह जाम से निकलने के बाद वह एंबुलेंस लेकर करीब 50 मिनट बाद गांव पहुंचा और प्रसूता को लाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
प्रभारी निरीक्षक सुनील दौल कौल ने बताया कि जैसे ही उन्हें जानकारी मिली, तो वह मौके पर पहुंचे और 10-15 मिनट में एंबुलेंस को बाहर निकलवा दिया। मुझे यह जानकारी नहीं है कि एंबुलेंस में मरीज था कि नहीं।
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भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी शुक्रवार शाम बाबरपुर पहुंचे थे। यहां उनका स्वागत एवं सम्मान समारोह होना था। उनके साथ बीजेपी के कई नेता व विधायक भी थे। काफिले में इतने अधिक वहन हो गए की गांव के बाहर तक जाम लग गया। इस बीच ख्वाजगीपुर प्रसूता को लेने जा रही एंबुलेंस बीजेपी नेताओं की गाड़ियों के कारण जाम में फंस गई।
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एंबुलेंस के एमटी गौरव राजपूत ने बताया कि वह ख्वाजगीपुर गांव मरीज लेने जा रहे थे पर आगे पीछे बीजेपी नेताओं की गाड़ियों के कारण वह जाम में फंस गए। प्रसूता के घर से लगातार उसके पास फोन आता रहा लेकिन जाम में फंसे होने के कारण वह कुछ नहीं कर सका।
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इस बीच कई नेताओं ने देखा कि एंबुलेंस फंसी हैं लेकिन किसी ने यह जरूरत नहीं समझी कि इसे बाहर निकलवा दिया जाए। इधर घर में प्रसूता की हालत बिगड़ती जा रही थी। किसी तरह जाम से निकलने के बाद वह एंबुलेंस लेकर करीब 50 मिनट बाद गांव पहुंचा और प्रसूता को लाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
प्रभारी निरीक्षक सुनील दौल कौल ने बताया कि जैसे ही उन्हें जानकारी मिली, तो वह मौके पर पहुंचे और 10-15 मिनट में एंबुलेंस को बाहर निकलवा दिया। मुझे यह जानकारी नहीं है कि एंबुलेंस में मरीज था कि नहीं।