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हरदोईः उजागरपुरवा में एक माह में 200 बकरियां मरीं
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पिहानी। गांव उजागरपुरवा में अज्ञात बीमारी से एक माह में तकरीबन 200 बकरियों की मौत हो गई।
ब्लॉक के गांव उजागरपुरवा मजरा तवककलपुर में ज्यादातर लोग बकरी पालन करते हैं। लोगों के मुताबिक पिछले एक माह से गांव में रहस्यमय बीमारी फैली है। जिससे लगातार बकरियों की मौत हो रही है।
उन्हें पतले दस्त आते हैं और फिर उनकी हालत खराब होने लगती है। यहां तक कि उसकी जान भी चली जाती है। इसमें उस्मान की पांच, इस्लामुद्दीन की आठ, रिजवान की नौ, मुस्ताक की पांच, जमील की छह, खलील की चार, शहाबुद्दीन की चार, शमशेर की तीन, इदरीस की दो, इरफान की 22 बकरियां शामिल हैं। बकरी पालन करने वालों में इस रहस्मयी बीमारी को लेकर खौफ है।
वर्जन
लक्षणों में अनुसार यह पीपीआर बीमारी लग रही है। विषाक्त घास चरने से पेट में विकार हो जाता है। जांच के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गांव में रोकथाम के प्रयास शुरू किए जाएंगे। - डॉ. आरके गौतम, पशु चिकित्साधिकारी
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ब्लॉक के गांव उजागरपुरवा मजरा तवककलपुर में ज्यादातर लोग बकरी पालन करते हैं। लोगों के मुताबिक पिछले एक माह से गांव में रहस्यमय बीमारी फैली है। जिससे लगातार बकरियों की मौत हो रही है।
उन्हें पतले दस्त आते हैं और फिर उनकी हालत खराब होने लगती है। यहां तक कि उसकी जान भी चली जाती है। इसमें उस्मान की पांच, इस्लामुद्दीन की आठ, रिजवान की नौ, मुस्ताक की पांच, जमील की छह, खलील की चार, शहाबुद्दीन की चार, शमशेर की तीन, इदरीस की दो, इरफान की 22 बकरियां शामिल हैं। बकरी पालन करने वालों में इस रहस्मयी बीमारी को लेकर खौफ है।
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वर्जन
लक्षणों में अनुसार यह पीपीआर बीमारी लग रही है। विषाक्त घास चरने से पेट में विकार हो जाता है। जांच के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गांव में रोकथाम के प्रयास शुरू किए जाएंगे। - डॉ. आरके गौतम, पशु चिकित्साधिकारी
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