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Hardoi News: शहर में ही मताधिकार के लिए नहीं निकली आधी आबादी
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हरदोई। स्नातक और शिक्षक विधान परिषद सदस्य पद के लिए शुक्रवार को हुए मतदान में मताधिकार के प्रति आधी आबादी सुस्त दिखाई दी। शहर और नगरीय क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर भी आधी आबादी का मतदान में ग्राफ कम रहा। नगर क्षेत्र के स्नातक मतदाताओं के लिए जीआईसी मतदान केंद्र पर सात मतेदय स्थल बनाए गए थे। इन पर 2,411 महिला मतदाता थीं जबकि 698 ने ही मताधिकार किया।
एमएलसी चुनाव में स्नातक में 44.45 पुरुष और 34.92 प्रतिशत महिला, शिक्षक में 57.24 पुरुष और 44.11 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया। वहीं स्नातक चुनाव में भी मतदाताओं में मतदान के प्रति कम रुझान दिखा इसमें महिलाओं का प्रतिशत बहुत कम रहा।
शहर के जीआईसी में बनाए गए सात मतदेय स्थलों में कक्ष संख्या 25 में 287 में 95, कक्ष संख्या 26 में 406 में 142, कक्षा संख्या 27 में 359 में 69, कक्षा 28 में 347 में से 128, कक्षा संख्या 29 में 345 में 107, कक्षा संख्या 30 में 343 में से 56 और कक्षा संख्या 31 में 324 में से 101 महिला मतदाताओं ने मतदान किया। शहर में स्नातक मतदाताओं में मतदान के प्रति कम रुझान राजनीति के जानकारों के लिए चर्चा का विषय बन गया है।
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शिक्षकों में कम दिखा रुझान
शिक्षक एमएलसी के चुनाव में शुक्रवार को हुए मतदान में भी आधी आबादी का मताधिकार के प्रति रुझान पुरुष की अपेक्षा काफी कम दिखा। ग्रामीण क्षेत्रों की बात छोड़ दें तो हरदोई शहर सहित नगरीय क्षेत्रों में भी मतदान का प्रतिशत कम ही रहा। शहर के जीआईसी मतदान केंद्र पर कुल 1,067 मतदाता थे। इनमें 707 पुरुष में से 398 और 360 महिला में 164 ने मताधिकार किया। ऐसे ही तहसील बिलग्राम के मतदान केंद्र पर 588 मतदाता थे। यहां पर 422 पुरुष में 212 और 166 महिला में 79 ने मतदान किया।
तहसील संडीला के मतदान केंद्र पर 220 मतदाता थे। 165 पुरुष में 90 और 55 महिला में 15 ने मताधिकार किया। तहसील शाहाबाद के मतदान केंद्र पर 350 मतदाता थे। यहां पर 260 पुरुष में 152 और 90 महिला में 43 ने मतदान किया। तहसील सवायजपुर और ब्लॉक भरखनी के लिए पाली जीआईसी मतदान केंद्र पर 277 मतदाता थे। इसमें 234 पुरुष में 174 और 43 महिला में 28 ने ही मतदान किया। माधौगंज मतदान केंद्र पर 579 मतदाता थे। 440 पुरुष में 247 और 157 महिला में 65, मल्लावां मतदान केंद्र पर 650 मतदाता थे यहां 487 पुरुष में 250 और 163 महिला में 70 ने मताधिकार का प्रयोग किया।
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जिम्मेदारों की अनदेखी भी बनी मताधिकार में बाधा
स्नातक मतदाता बनाए जाने के लिए प्रत्येक चुनाव से पहले अभियान चलाया जाता है। फॉर्म भरवाए जाते हैं। फॉर्म भरवाने से मतदाता पंजीकरण सेंटर पर डेटा फीड किए जाने के समय तक जिम्मेदारी निभाने वालों ने न तो मतदाता के निवास की तहसील और ब्लॉक पर ध्यान दिया और न ही थाना-कोतवाली पर। इससे मतदाताओं का डेटा दूसरे-दूसरे क्षेत्र की सूची में चला गया।
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और जब रात में लौटाए गए पीठासीन अधिकारी
एमएलसी चुनाव में मतदान के बाद मताधिकार के लिए प्रयोग में लाई गई मतपेटियों को कड़े सुरक्षा बंदोबस्त में लखनऊ में बनाए गए स्ट्रांग रूम के लिए शुक्रवार रात ही जीआईसी से भिजवाया गया। सील मतपेटियों को कंटेनर ट्रक से भेजा गया जबकि यहां से एक बस से सभी 67 पीठासीन अधिकारियों को भी लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया। लखनऊ पहुंचने पर पीठासीन अधिकारियों की मौजूदगी देख आयुक्त सहित चुनाव से जुड़े अधिकारी अचरज में पड़ गए। कई पीठासीन अधिकारियों ने बताया कि वहां पर कोई जरूरत न होने के चलते रात में अधिकारियों ने लौटा दिया।
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एमएलसी चुनाव में स्नातक में 44.45 पुरुष और 34.92 प्रतिशत महिला, शिक्षक में 57.24 पुरुष और 44.11 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया। वहीं स्नातक चुनाव में भी मतदाताओं में मतदान के प्रति कम रुझान दिखा इसमें महिलाओं का प्रतिशत बहुत कम रहा।
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शहर के जीआईसी में बनाए गए सात मतदेय स्थलों में कक्ष संख्या 25 में 287 में 95, कक्ष संख्या 26 में 406 में 142, कक्षा संख्या 27 में 359 में 69, कक्षा 28 में 347 में से 128, कक्षा संख्या 29 में 345 में 107, कक्षा संख्या 30 में 343 में से 56 और कक्षा संख्या 31 में 324 में से 101 महिला मतदाताओं ने मतदान किया। शहर में स्नातक मतदाताओं में मतदान के प्रति कम रुझान राजनीति के जानकारों के लिए चर्चा का विषय बन गया है।
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शिक्षकों में कम दिखा रुझान
शिक्षक एमएलसी के चुनाव में शुक्रवार को हुए मतदान में भी आधी आबादी का मताधिकार के प्रति रुझान पुरुष की अपेक्षा काफी कम दिखा। ग्रामीण क्षेत्रों की बात छोड़ दें तो हरदोई शहर सहित नगरीय क्षेत्रों में भी मतदान का प्रतिशत कम ही रहा। शहर के जीआईसी मतदान केंद्र पर कुल 1,067 मतदाता थे। इनमें 707 पुरुष में से 398 और 360 महिला में 164 ने मताधिकार किया। ऐसे ही तहसील बिलग्राम के मतदान केंद्र पर 588 मतदाता थे। यहां पर 422 पुरुष में 212 और 166 महिला में 79 ने मतदान किया।
तहसील संडीला के मतदान केंद्र पर 220 मतदाता थे। 165 पुरुष में 90 और 55 महिला में 15 ने मताधिकार किया। तहसील शाहाबाद के मतदान केंद्र पर 350 मतदाता थे। यहां पर 260 पुरुष में 152 और 90 महिला में 43 ने मतदान किया। तहसील सवायजपुर और ब्लॉक भरखनी के लिए पाली जीआईसी मतदान केंद्र पर 277 मतदाता थे। इसमें 234 पुरुष में 174 और 43 महिला में 28 ने ही मतदान किया। माधौगंज मतदान केंद्र पर 579 मतदाता थे। 440 पुरुष में 247 और 157 महिला में 65, मल्लावां मतदान केंद्र पर 650 मतदाता थे यहां 487 पुरुष में 250 और 163 महिला में 70 ने मताधिकार का प्रयोग किया।
जिम्मेदारों की अनदेखी भी बनी मताधिकार में बाधा
स्नातक मतदाता बनाए जाने के लिए प्रत्येक चुनाव से पहले अभियान चलाया जाता है। फॉर्म भरवाए जाते हैं। फॉर्म भरवाने से मतदाता पंजीकरण सेंटर पर डेटा फीड किए जाने के समय तक जिम्मेदारी निभाने वालों ने न तो मतदाता के निवास की तहसील और ब्लॉक पर ध्यान दिया और न ही थाना-कोतवाली पर। इससे मतदाताओं का डेटा दूसरे-दूसरे क्षेत्र की सूची में चला गया।
और जब रात में लौटाए गए पीठासीन अधिकारी
एमएलसी चुनाव में मतदान के बाद मताधिकार के लिए प्रयोग में लाई गई मतपेटियों को कड़े सुरक्षा बंदोबस्त में लखनऊ में बनाए गए स्ट्रांग रूम के लिए शुक्रवार रात ही जीआईसी से भिजवाया गया। सील मतपेटियों को कंटेनर ट्रक से भेजा गया जबकि यहां से एक बस से सभी 67 पीठासीन अधिकारियों को भी लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया। लखनऊ पहुंचने पर पीठासीन अधिकारियों की मौजूदगी देख आयुक्त सहित चुनाव से जुड़े अधिकारी अचरज में पड़ गए। कई पीठासीन अधिकारियों ने बताया कि वहां पर कोई जरूरत न होने के चलते रात में अधिकारियों ने लौटा दिया।