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Hardoi News: सरकारी कंबलों से दूर नहीं होती सर्दी, प्रसूताओं के लिए घर से लाना मजबूरी

Tue, 20 Jan 2026 10:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 10:55 PM IST
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Government blankets don't ward off the cold, forcing pregnant women to bring them from home.
फोटो-06- महिला चिकित्सालय के वार्ड में घर से लाए कंबल ओढे मरीज। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता और उनके परिजनों को सरकारी कंबलों पर भरोसा नहीं है। नवजात बच्चे और प्रसूता को सर्दी से बचाने के लिए परिजन घर से ही अपने कंबल व रजाई लेकर आ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि रात में सर्दी अधिक होती है इसलिए वह अपने घर से रजाई व कंबल लेकर आए हैं।
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महिला अस्पताल में तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद सुधार नहीं हो रहा है। इसी साल अस्पताल में मरीजों को सर्दी से बचाने के लिए करीब पांच लाख रुपये खर्च कर कंबल खरीदे गए। इसके बावजूद स्थिति यह है कि प्रसूताओं को सर्दी से बचाने के लिए परिजनों को अपने घरों से कंबल लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं का जायजा लिया गया तो तमाम प्रसूताओं के पास अस्पताल के कंबल नहीं मिले। अस्पताल कर्मियों ने तो यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि कई मरीज कंबल लौटा देते हैं जबकि हकीकत तो यह है कि इन कंबलों से सर्दी दूर ही नहीं होती है। मानकविहीन कंबल सर्दी से बचाव के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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केस-1- भर्ती प्रसूता मीनाक्षी के पति शुभम ने बताया कि न तो उन्होंने कंबल मांगा और न ही दिया गया। वह घर से अपनी रजाई व कंबल लाए हैं ताकि रात में ठंड ज्यादा लगने लगे तो बचाव किया जा सके।
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केस-2- भर्ती पुष्पा निवासी हसनापुर ने बताया कि अस्पताल से कंबल दिया गया है लेकिन इससे सर्दी दूर नहीं हो रही। इसलिए घर से ही रजाई व कंबल ले आए। मांगने पर दूसरा कंबल मिल जाएगा इस बात की जानकारी नहीं है।



नर्सिंग स्टेशन की शोभा बढ़ा रहे कंबल

महिला अस्पताल में कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था है। इसका प्रमाण नर्सिंग स्टेशन में देखने से मिल सकता है। इसके बाद भी मरीजों को अपने घर से लाए हुए कंबलों के भरोसे ही सर्दी से बचाव करना पड़ता है। जिम्मेदार परिजनों को जानकारी ही नहीं देते हैं कि वह जितने चाहें कंबलों का उपयोग कर सकते हैं और परिजन इस संकोच में नहीं ले पाते हैं कि एक के बाद दूसरा कंबल उन्हें मिलेगा या नहीं। इतना ही कुछ लोग तो संक्रमण के डर से कंबलों का प्रयोग नहीं करते हैं। प्रयोग के बाद कंबलों को नियमित धुलवाया भी नहीं जाता है। इस वजह से लोग प्रयोग करने से कतराते हैं।





कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था है, मरीज को अगर एक कंबल में सर्दी लग रही है तो वह दूसरा भी ले सकता है। कर्मचारियों को निर्देशित भी किया जा चुका है। कंबलों की सफाई के निर्देश भी दिए गए हैं। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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