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Hardoi News: गंगा एक्सप्रेसवे देगा नीलम नदी को धार, 10 किलोमीटर में कराएगा खोदाई
Tue, 27 Jun 2023 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 27 Jun 2023 12:11 AM IST
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बाटम
लोगो भी लगेगा।
- सांडी-हरपापुर मार्ग पर लमकन के निकट नदी से कराई जाएगी मिट्टी की खोदाई
- एक्सप्रेस-वे के लिए मिलेगी मिट्टी ओर नीलम नदी को मिलेगा पुनर्जीवन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गंगा एक्सप्रेसवे कटरी क्षेत्र को रोड की लाइफलाइन देने के साथ ही नीलम नदी को धार भी देने का काम करेगा। सांडी-हरपालपुर मार्ग पर लमकन के निकट 10 किलोमीटर में नदी से मिट्टी की खोदाई गंगा एक्सेप्रेस-वे के लिए कराई जाएगी। प्रशासन ने इस पर सहमति दे दी है। नदी के अन्य भाग पर काम मनरेगा मद से ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा।
बारिश की एक-एक बूंद को संग्रहीत और संरक्षित किए जाने और धरती की कोख को लबालब रखने के लिए जलस्रोतों को पुनर्जीवन दिया जा रहा है। इससे बारिश के पानी को जलाशयों में संग्रहीत किया जा सके। इसके लिए यहां पर कटरी क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली नीलम नदी को गंगा एक्सप्रेसवे धार देने जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए मिट्टी की आवश्यकता है और नीलम नदी को पुनर्जीवन दिए जाने के लिए सिल्ट सफाई जरूरी है।
मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरूरानी ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जुड़ी कार्यदायी संस्था पीएनसी के प्रतिनिधियों से वार्ता के बाद नीलम नदी से मिट्टी खोदाई की सहमति बनी है। सांडी-हरपालपुर मार्ग पर लमकन पुल से दोनों ओर 5-5 किलोमीटर लंबाई में नीलम नदी से मिट्टी खोदाई गंगा एक्सप्रेसवे के लिए कराई जाएगी, जबकि शेष 52.5 किलोमीटर लंबाई में नीलम नदी में मनरेगा मद से ग्राम पंचायतों के माध्यम से खोदाई कराई जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग से डीपीआर तैयार कराई जा रही है।
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नमामि गंगे विभाग ने नदियों और जलाशयों के पुनरुद्धार के लिए मांगे प्रस्ताव
नदियों और जलाशयों के पुनरुद्धार के लिए ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है। सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने बताया कि आयुक्त ने डीपीआर नमामि गंगे विभाग को प्राप्त कराने के आदेश दिए हैं। कहा है कि नमामि गंगे विभाग की ओर से डीपीआर को दी जाने वाली स्वीकृति पर बजट प्राप्त कराया जाएगा। यहां की नदियों और जलाशयों को पुनर्जीवित कराए जाने के लिए श्रम रोजगार उपायुक्त के माध्यम से प्रस्ताव और डीपीआर तैयार कराए जा रहे हैं। जल्द ही नमामि गंगे और ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय को प्रस्ताव भिजवाए जाएंगे।
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लोगो भी लगेगा।
- सांडी-हरपापुर मार्ग पर लमकन के निकट नदी से कराई जाएगी मिट्टी की खोदाई
- एक्सप्रेस-वे के लिए मिलेगी मिट्टी ओर नीलम नदी को मिलेगा पुनर्जीवन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गंगा एक्सप्रेसवे कटरी क्षेत्र को रोड की लाइफलाइन देने के साथ ही नीलम नदी को धार भी देने का काम करेगा। सांडी-हरपालपुर मार्ग पर लमकन के निकट 10 किलोमीटर में नदी से मिट्टी की खोदाई गंगा एक्सेप्रेस-वे के लिए कराई जाएगी। प्रशासन ने इस पर सहमति दे दी है। नदी के अन्य भाग पर काम मनरेगा मद से ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा।
बारिश की एक-एक बूंद को संग्रहीत और संरक्षित किए जाने और धरती की कोख को लबालब रखने के लिए जलस्रोतों को पुनर्जीवन दिया जा रहा है। इससे बारिश के पानी को जलाशयों में संग्रहीत किया जा सके। इसके लिए यहां पर कटरी क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली नीलम नदी को गंगा एक्सप्रेसवे धार देने जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए मिट्टी की आवश्यकता है और नीलम नदी को पुनर्जीवन दिए जाने के लिए सिल्ट सफाई जरूरी है।
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मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरूरानी ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जुड़ी कार्यदायी संस्था पीएनसी के प्रतिनिधियों से वार्ता के बाद नीलम नदी से मिट्टी खोदाई की सहमति बनी है। सांडी-हरपालपुर मार्ग पर लमकन पुल से दोनों ओर 5-5 किलोमीटर लंबाई में नीलम नदी से मिट्टी खोदाई गंगा एक्सप्रेसवे के लिए कराई जाएगी, जबकि शेष 52.5 किलोमीटर लंबाई में नीलम नदी में मनरेगा मद से ग्राम पंचायतों के माध्यम से खोदाई कराई जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग से डीपीआर तैयार कराई जा रही है।
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नमामि गंगे विभाग ने नदियों और जलाशयों के पुनरुद्धार के लिए मांगे प्रस्ताव
नदियों और जलाशयों के पुनरुद्धार के लिए ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है। सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने बताया कि आयुक्त ने डीपीआर नमामि गंगे विभाग को प्राप्त कराने के आदेश दिए हैं। कहा है कि नमामि गंगे विभाग की ओर से डीपीआर को दी जाने वाली स्वीकृति पर बजट प्राप्त कराया जाएगा। यहां की नदियों और जलाशयों को पुनर्जीवित कराए जाने के लिए श्रम रोजगार उपायुक्त के माध्यम से प्रस्ताव और डीपीआर तैयार कराए जा रहे हैं। जल्द ही नमामि गंगे और ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय को प्रस्ताव भिजवाए जाएंगे।