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Hardoi News: आजादी के दीवाने कंपनी बाग में बनाते थे रणनीति

Tue, 15 Aug 2023 12:32 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Aug 2023 12:32 AM IST
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Freedom lovers used to make strategy in Company Bagh
हरदोई। भारत की आजादी का आज जश्न मनाया जा रहा है। स्वतंत्र भारत के लिए आंदोलन में हरदोई का बड़ा योगदान रहा है। आजादी के आंदोलन में शौर्य, बलिदान की अनगिनत गौरव गाथाएं हैं। स्वाधीनता आंदोलन की कंपनी बाग (शहीद उद्यान) मूक गवाही दे रहा है।
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स्वाधीनता आंदोलन की मूक गवाही देने वाले कंपनी बाग (शहीद उद्यान) को प्रशासन ने नगरीय निकाय के सहयोग से सुंदरीकरण कराया है। शहर के लोगों के स्वास्थ्य के लिए यहां की ओपन जिम, मार्निंग-इवनिंग वॉक, बच्चों के मनोरंजन का केंद्र भर भले शहीद उद्यान हो लेकिन, अंग्रेजी हुकूमत की मुखालफत की रणनीति यहां की माटी में रची-बसी है। देश की आजादी के लिए उस समय के जंगे-आजादी के दीवानों की यहां कंपनी जुटती थी और अंग्रेजी शासन को समाप्त करने की यहां पर नित नई रणनीति बना करती थीं।
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कंपनी बाग में पेड़-पौधों की संख्या अधिक व झाड़ियों के होने से काफी घना और बड़े भू-भाग में फैला था। समय के साथ अब नाममात्र को पुराने पेड़ रह गए हैं। बात अंग्रेजी हुकूमत और उसे समाप्त करने के दौर की करें तो यहां हरदोई के स्वतंत्रता के आंदोलन में शामिल रहे जयदेव कपूर, शिव वर्मा, वैद्य पंडित मन्नालाल पांडेय, हरी बहादुर श्रीवास्तव, गणेश शंकर विद्यार्थी, मंगल पांडेय, बाबू छेदालाल, निरंजन सिंह देव, बृज नंदन दीक्षित, बाबू मोहनलाल वर्मा, रणजीत सिंह आदि के साथ सीतापुर, उन्नाव, कानपुर व शाहजहांपुर के जंगे-आजादी के दीवाने जुटते थे।
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यही वजह था इस जंगलनुमा क्षेत्र की पहचान कंपनी बाग के नाम से होने लगी। अंग्रेजों ने भी इसे आजादी के दीवानों के यहां पर जुटने से इसे कंपनी बाग के नाम से ही पहचान दी थी।
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चंद्रशेखर आजाद व भगत सिंह की लगी हैं प्रतिमाएं
शहीद उद्यान में स्वतंत्रता आंदोलन की यादों को ताजा रखने के लिए सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाएं लगी हैं। इसी के साथ ही शहीद स्मारक बना है और अब यहां पर देश की अस्मिता की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों की स्मृति में अमर जवान स्मारक भी बनवाया गया है।

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स्वतंत्र भारत का पहला ध्वजारोहण बीबी लाल ने किया था
देश के स्वतंत्र होने पर 15 अगस्त 1947 को पुलिस लाइन परिसर में आजाद भारत का पहला ध्वजारोहण हुआ था। पुलिस लाइन के अंदर के ग्राउंड पर उस समय के नए डिप्टी कमिश्नर बीबी लाल (आइसीएस) ने जिले में पहला ध्वजारोहण किया था।
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