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Hardoi News: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 2012 से पेंशन, फिर भी बनी दूसरी पत्रावली
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हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में नियमों को दरकिनार कर मनमर्जी से पत्रावली तैयार करने और चहेतों को लाभ दिलाने का मामला सामने आया है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को वर्ष 2012 से पेंशन मिल रही है। इसके बावजूद उसकी पेंशन की दूसरी पत्रावली बनाकर वित्त विभाग को भेज दी गई। इस पर वित्त विभाग ने बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है।
विकास खंड हरपालपुर के जूनियर हाईस्कूल पलिया में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामचरन वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पेंशन पत्रावली के आधार पर सात दिसंबर 2012 को पेंशन स्वीकृत कर दी गई थी और बाद में पारिवारिक पेंशन भी जारी हो गई थी। चार सितंबर 2025 को कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी सावित्री देवी के नाम से पारिवारिक पेंशन की नई पत्रावली तैयार कर वित्त विभाग को भेज दी गई।
वित्त विभाग का कहना है कि यदि इस पत्रावली के आधार पर पेंशन जारी हो जाती तो दोहरी पेंशन का लाभ मिलने की स्थिति बन सकती थी। नियमों के अनुसार पारिवारिक पेंशन के लिए केवल निर्धारित प्रारूप पर खंड शिक्षाधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित सूचना भेजी जाती है। नई पत्रावली की आवश्यकता नहीं होती।
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वित्त एवं लेखाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बीएसए को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है कि दोबारा पत्रावली किस आधार पर भेजी गई और इससे होने वाली वित्तीय अनियमितता के लिए जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने बताया कि पत्रावली वापस कर दी गई है। आगे की कार्रवाई बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर से होगी।
इससे पूर्व भी हो चुका है प्रकरण
इससे पहले भी एक जूनियर हाईस्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद एक साल तक पेंशन के साथ वेतन जारी होता रहा था। बाद में मामला सामने आने पर धनराशि सरकारी खाते में जमा कराई गई, हालांकि लिपिक और खंड शिक्षा अधिकारी को क्लीनचिट दे दी गई थी।
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विकास खंड हरपालपुर के जूनियर हाईस्कूल पलिया में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामचरन वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पेंशन पत्रावली के आधार पर सात दिसंबर 2012 को पेंशन स्वीकृत कर दी गई थी और बाद में पारिवारिक पेंशन भी जारी हो गई थी। चार सितंबर 2025 को कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी सावित्री देवी के नाम से पारिवारिक पेंशन की नई पत्रावली तैयार कर वित्त विभाग को भेज दी गई।
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वित्त विभाग का कहना है कि यदि इस पत्रावली के आधार पर पेंशन जारी हो जाती तो दोहरी पेंशन का लाभ मिलने की स्थिति बन सकती थी। नियमों के अनुसार पारिवारिक पेंशन के लिए केवल निर्धारित प्रारूप पर खंड शिक्षाधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित सूचना भेजी जाती है। नई पत्रावली की आवश्यकता नहीं होती।
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वित्त एवं लेखाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बीएसए को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है कि दोबारा पत्रावली किस आधार पर भेजी गई और इससे होने वाली वित्तीय अनियमितता के लिए जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने बताया कि पत्रावली वापस कर दी गई है। आगे की कार्रवाई बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर से होगी।
इससे पूर्व भी हो चुका है प्रकरण
इससे पहले भी एक जूनियर हाईस्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद एक साल तक पेंशन के साथ वेतन जारी होता रहा था। बाद में मामला सामने आने पर धनराशि सरकारी खाते में जमा कराई गई, हालांकि लिपिक और खंड शिक्षा अधिकारी को क्लीनचिट दे दी गई थी।