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Hardoi: आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को पांच साल की कैद, बीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
Wed, 24 May 2023 11:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 May 2023 11:41 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
हरदोई जिले में न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भगीरथ वर्मा ने आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति प्रमोद को पांच वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के गांव फर्दापुर निवासी रामनारायण ने 24 नवंबर 2018 को लोनार थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि घटना के करीब सात वर्ष पूर्व उसने अपनी बेटी अनीता की शादी लोनार थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में प्रमोद के साथ की थी।
उसकी बेटी के ससुरालीजन शादी के बाद से ही दहेज की मांग करते थे। इसी के चलते पति प्रमोद, विनोद व रिंकू ने मिलकर उसकी बेटी को मार डाला है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने प्रमोद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
नमाजदगी सही न होने के कारण विनोद व रिंकू का नाम आरोप पत्र से बाहर निकाल दिया था। इसकी सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता चंदन सिंह ने कहा कि दोषी को अधिक से अधिक सजा दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज भगीरथ वर्मा ने आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए प्रमोद को पांच वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतका के उत्तराधिकारी को देने का आदेश दिया है।
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उसकी बेटी के ससुरालीजन शादी के बाद से ही दहेज की मांग करते थे। इसी के चलते पति प्रमोद, विनोद व रिंकू ने मिलकर उसकी बेटी को मार डाला है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने प्रमोद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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नमाजदगी सही न होने के कारण विनोद व रिंकू का नाम आरोप पत्र से बाहर निकाल दिया था। इसकी सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता चंदन सिंह ने कहा कि दोषी को अधिक से अधिक सजा दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज भगीरथ वर्मा ने आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए प्रमोद को पांच वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतका के उत्तराधिकारी को देने का आदेश दिया है।
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