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Hardoi News: क्रिटिकल कॉरिडोर में चिह्नित किए गए हादसों की अधिकता वाले पांच मार्ग
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फोटो-09- ज़िदपीर चौराहा से ओवर ब्रिज को जाने वाला मार्ग। संवाद
हरदोई। सड़क हादसों और उनमें जान गंवाने वालों की संख्या अधिक होने के कारण जिले में पांच मार्गाें को क्रिटिकल कॉरिडोर के तौर पर चिह्नित किया गया है। क्रिटिकल कॉरिडोर में शामिल मार्गों की लंबाई तय की गई है। पांच मार्गों में हादसा बाहुल 21 स्थान शामिल हैं। पुलिस टीमें पीडब्ल्यूडी और एनएच के अभियंताओं से समन्वय बनाकर हादसों के कारणों को तलाशने के साथ लोगों की मदद और प्रवर्तन की कार्रवाई करेंगी।
सड़क हादसों को कम किए जाने और हादसों के कारणों की तलाश के साथ ही लोगों को जागरूक किए जाने की पुलिस-प्रशासन ने रणनीति बनाई है। पुलिस विभाग ने हादसों की संख्या के आधार पर पांच मार्गों को क्रिटिकल कॉरिडोर के तौर पर चिह्नित किया है। उन मार्गों पर हादसों वाले स्थलों पर काम कराए जाने की रणनीति भी बनाई गई है।
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यह मार्ग क्रिटिकल कॉरिडोर के रूप में किए गए चिह्नित
सड़क हादसों और हादसों में मौत की संख्या के दृष्टिगत उन पर विराम लगाने के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ से पांच मार्गों को क्रिटिकल कॉरिडोर के तौर पर चिह्नित किया गया है। राज्य राजमार्ग-38 पर बिलग्राम चौराहे से मल्लावां क्षेत्र के सुल्तानपुर तक, एनएच-330 डी पर नैमिषारण्य पुल से मेहंदी घाट पुल तक, एनएच-30 पर जहानीखेड़ा से जंगबहादुरगंज तक, राज्यराज मार्ग-29 ए पर बावन चुंगी से कौशिया पुल तक, एनएच-731 पर उधरनपुर से तिलोइया कला तक मार्ग शामिल हैं।
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हादसों के कारणों को तलाशने, रोकने और त्वरित मदद के लिए बनाई गईं छह टीमें
एसपी एके मीणा ने बताया कि क्रिटिकल कॉरिडोर पर हादसों के कारणों को तलाशने, रोकने और लोगों की त्वरित मदद के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ से छह टीमें बनाई गई हैं। बताया कि यह टीमें अपने-अपने क्षेत्र में काम करेंगी। टीमों को यातायात उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। टीमें लोक निर्माण विभाग और एनएच के अभियंताओं के साथ समन्वय बनाकर क्रिटिकल लोकेशन और सड़क हादसेां के कारणों की जानकारी भी जुटाएंगी। बताया कि कोतवाली बेनींगज क्षेत्र में उप निरीक्षक रोहित कुमार, टड़ियावां क्षेत्र में उप निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह, कोतवाली देहात क्षेत्र में अजय कुमार चौधरी, सुरसा क्षेत्र में उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह और बिलग्राम क्षेत्र में उप निरीक्षक रवि कुमार के नेतृत्व में पांच-पांच सदस्यीय की टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें अपने-अपने क्षेत्र में सुधारात्मक काम और प्रवर्तन की कार्रवाई करेंगी और उसकी प्रतिदिन रिपोर्ट भी यातायात कार्यालय को प्राप्त कराएंगी।
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सड़क हादसों को कम किए जाने और हादसों के कारणों की तलाश के साथ ही लोगों को जागरूक किए जाने की पुलिस-प्रशासन ने रणनीति बनाई है। पुलिस विभाग ने हादसों की संख्या के आधार पर पांच मार्गों को क्रिटिकल कॉरिडोर के तौर पर चिह्नित किया है। उन मार्गों पर हादसों वाले स्थलों पर काम कराए जाने की रणनीति भी बनाई गई है।
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यह मार्ग क्रिटिकल कॉरिडोर के रूप में किए गए चिह्नित
सड़क हादसों और हादसों में मौत की संख्या के दृष्टिगत उन पर विराम लगाने के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ से पांच मार्गों को क्रिटिकल कॉरिडोर के तौर पर चिह्नित किया गया है। राज्य राजमार्ग-38 पर बिलग्राम चौराहे से मल्लावां क्षेत्र के सुल्तानपुर तक, एनएच-330 डी पर नैमिषारण्य पुल से मेहंदी घाट पुल तक, एनएच-30 पर जहानीखेड़ा से जंगबहादुरगंज तक, राज्यराज मार्ग-29 ए पर बावन चुंगी से कौशिया पुल तक, एनएच-731 पर उधरनपुर से तिलोइया कला तक मार्ग शामिल हैं।
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हादसों के कारणों को तलाशने, रोकने और त्वरित मदद के लिए बनाई गईं छह टीमें
एसपी एके मीणा ने बताया कि क्रिटिकल कॉरिडोर पर हादसों के कारणों को तलाशने, रोकने और लोगों की त्वरित मदद के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ से छह टीमें बनाई गई हैं। बताया कि यह टीमें अपने-अपने क्षेत्र में काम करेंगी। टीमों को यातायात उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। टीमें लोक निर्माण विभाग और एनएच के अभियंताओं के साथ समन्वय बनाकर क्रिटिकल लोकेशन और सड़क हादसेां के कारणों की जानकारी भी जुटाएंगी। बताया कि कोतवाली बेनींगज क्षेत्र में उप निरीक्षक रोहित कुमार, टड़ियावां क्षेत्र में उप निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह, कोतवाली देहात क्षेत्र में अजय कुमार चौधरी, सुरसा क्षेत्र में उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह और बिलग्राम क्षेत्र में उप निरीक्षक रवि कुमार के नेतृत्व में पांच-पांच सदस्यीय की टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें अपने-अपने क्षेत्र में सुधारात्मक काम और प्रवर्तन की कार्रवाई करेंगी और उसकी प्रतिदिन रिपोर्ट भी यातायात कार्यालय को प्राप्त कराएंगी।