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सभी प्राणियों में मानव का स्थान प्रथम
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 28 Dec 2014 12:09 AM IST
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में चल रहे 11 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञापुराण के तृतीय दिवस बड़ी
संख्या में सुबह 10 बजे से यज्ञ कुं ड में अपनी आहुति प्रदान की, वहीं कई
संस्कार भी संपन्न कराए गए।
शाम 4 बजे से कथा के प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कथा व्यास राजकुमार ने कहा कि परमपिता परमात्मा ने सप्ताह में सात दिन बनाए, जिनकी सात कथाएं हैं, जिनमें सोमवार को शंकर जी की, मंगलवार को हनुमान जी की, बुधवार को गणेश जी और राहुके तु की, गुरुवार को विष्णु भगवान की, शुक्रवार को संतोषी माता की, शनिवार को शनिदेव की, रविवार को सूर्य भगवान की कथा।
इसके अलावा पक्ष की 15 तिथियां जिनकी अनेेक कथाएं प्रचलित है। कहा कि कथा से मनुष्य की व्यथा दूर होती है संसार के समस्त प्राणियों में प्रथम स्थान मनुष्य का है, सारे सुख साधनों से युक्त होते हुए भी आज मनुष्य अतृप्त और अशांत दिखाई देता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
शाम 4 बजे से कथा के प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कथा व्यास राजकुमार ने कहा कि परमपिता परमात्मा ने सप्ताह में सात दिन बनाए, जिनकी सात कथाएं हैं, जिनमें सोमवार को शंकर जी की, मंगलवार को हनुमान जी की, बुधवार को गणेश जी और राहुके तु की, गुरुवार को विष्णु भगवान की, शुक्रवार को संतोषी माता की, शनिवार को शनिदेव की, रविवार को सूर्य भगवान की कथा।
इसके अलावा पक्ष की 15 तिथियां जिनकी अनेेक कथाएं प्रचलित है। कहा कि कथा से मनुष्य की व्यथा दूर होती है संसार के समस्त प्राणियों में प्रथम स्थान मनुष्य का है, सारे सुख साधनों से युक्त होते हुए भी आज मनुष्य अतृप्त और अशांत दिखाई देता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।