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छात्राओं को कंप्यूटर की नियमित पढ़ाई और प्रयोगात्मक कार्य कराए जाएं : अपर्णा यादव
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फोटो 30: केजीबीवी धन्नूपुरवा में छात्राओं के साथ राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव। स्
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हरदोई। छात्राओं को कंप्यूटर की नियमित पढ़ाई और प्रयोगात्मक कार्य कराए जाने चाहिए। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने धन्नूपुरवा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) का निरीक्षण किया। वहां पर कंप्यूटर लैब को देखा और वार्डन और शिक्षिकाओं को निर्देश दिए। छात्राओं की कक्षा लगाई और अंग्रजी शासनकाल का पाठ पढ़ाया।
उपाध्यक्ष बुधवार को जिले के भ्रमण पर आईं। उन्होंने केजीबीवी में निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर लैब की साफ-सफाई के भी निर्देश दिए। छात्राओं से सवाल भी पूछे। भोजन और रहने की व्यवस्थाओं के संबंध में संवाद किया। धन्नूपुरवा आंगनबाड़ी केंद्र पर नौनिहालों और अभिभावकों से पोषाहार आदि की जानकारी ली। जिला महिला कारागार में 46 बंदी महिलाओं से संवाद किया। अधीक्षक को निर्देश दिए कि महिलाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाए। ताकि वह यहां से छूटने के बाद अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
100 बेड संयुक्त चिकित्सालय में नवजात शिशुओं और माताओं के वार्ड का निरीक्षण किया। महिलाओं से संवाद कर भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में अधिकारियों से कहा कि समाज और महिला कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र तक पहुंचाया जाए। जिला पंचायत की प्रशासक प्रेमावती, डीपीओ संजय कुमार निगम, डीपीओ रमेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अवनीश कुमार, एसडीएम न्यायिक शिवानी सिंह, सीओ प्रभा पटेल सहित अधिकारी मौजूुद रहे।
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किशोरियों का दूसरे की मीठी-मीठी बातों के भ्रम घर छोड़ना उचित नहीं
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने बुधवार को जिले के भ्रमण के दौरान वन स्टाप सेंटर का निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों व कर्मचारियों से जानकारी ली। वन स्टाप सेंटर पर छह पीड़िताओं से एक-एक कर संवाद किया। संवाद के दौरान पीड़िताओं ने घर से भागने की बात बताई। इस पर उपाध्यक्ष ने किशोरियों से कहा कि दूसरे की मीठी-मीठी बातों के भ्रम में घर छोड़ना उचित नहीं है। किशोरियों को अपनी पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना चाहिए। परिवार के बड़े सदस्यों की बात माननी चाहिए और सुरक्षित भविष्य के लिए खुद को पढ़ाई के साथ ही अपने पैरों पर खड़े होने का हुनर सीखना चाहिए। उन्होंने पीड़िताओं से वन स्टाप सेंटर पर मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली।
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उपाध्यक्ष बुधवार को जिले के भ्रमण पर आईं। उन्होंने केजीबीवी में निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर लैब की साफ-सफाई के भी निर्देश दिए। छात्राओं से सवाल भी पूछे। भोजन और रहने की व्यवस्थाओं के संबंध में संवाद किया। धन्नूपुरवा आंगनबाड़ी केंद्र पर नौनिहालों और अभिभावकों से पोषाहार आदि की जानकारी ली। जिला महिला कारागार में 46 बंदी महिलाओं से संवाद किया। अधीक्षक को निर्देश दिए कि महिलाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाए। ताकि वह यहां से छूटने के बाद अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
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100 बेड संयुक्त चिकित्सालय में नवजात शिशुओं और माताओं के वार्ड का निरीक्षण किया। महिलाओं से संवाद कर भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में अधिकारियों से कहा कि समाज और महिला कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र तक पहुंचाया जाए। जिला पंचायत की प्रशासक प्रेमावती, डीपीओ संजय कुमार निगम, डीपीओ रमेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अवनीश कुमार, एसडीएम न्यायिक शिवानी सिंह, सीओ प्रभा पटेल सहित अधिकारी मौजूुद रहे।
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किशोरियों का दूसरे की मीठी-मीठी बातों के भ्रम घर छोड़ना उचित नहीं
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने बुधवार को जिले के भ्रमण के दौरान वन स्टाप सेंटर का निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों व कर्मचारियों से जानकारी ली। वन स्टाप सेंटर पर छह पीड़िताओं से एक-एक कर संवाद किया। संवाद के दौरान पीड़िताओं ने घर से भागने की बात बताई। इस पर उपाध्यक्ष ने किशोरियों से कहा कि दूसरे की मीठी-मीठी बातों के भ्रम में घर छोड़ना उचित नहीं है। किशोरियों को अपनी पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना चाहिए। परिवार के बड़े सदस्यों की बात माननी चाहिए और सुरक्षित भविष्य के लिए खुद को पढ़ाई के साथ ही अपने पैरों पर खड़े होने का हुनर सीखना चाहिए। उन्होंने पीड़िताओं से वन स्टाप सेंटर पर मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली।