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खाते में गड़बड़ : सम्मान निधि पाने को भटक रहे पात्र किसान
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हरदोई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पात्र होने के बावजूद किसानों को भटकना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में किसानों का कहना है कि निधि के लिए पात्र होने के बावजूद उन्हें खाता संख्या गलत फीड होने के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान सम्मान निधि के तहत लाभार्थी को प्रत्येक चार माह पर दो हजार रुपये की सहायता दी जाती है। ये बजट सीधे उसके बैंक खाते में भेजा जाता है। जनपद में 14847 ऐसे किसान भी मिले हैं, जिनके बैंक खातों में शुरुआत में तीन किस्तें भेजी गईं, लेकिन अब इनके अभिलेखों में खामी मिली है।
माधौगंज विकास खंड के ग्राम बाबटमऊ निवासी सूरज सिंह ने बताया कि उनके चाचा दिनेश सिंह का पंजीकरण किसान सम्मान निधि के लिए हो चुका है। हर जगह से पात्रता की पुष्टि भी करा ली गई है, फीडिंग के दौरान उनकी बैंक खाता संख्या गलत कर दी गई। चार बार संशोधन करा चुके हैं, लेकिन कर्मचारी दौड़ा रहे हैं। लाभ नहीं मिल पा रहा।
अटवा निवासी देशराज ने बताया कि वह किसान सम्मान निधि के लिए पात्र हैं। ऑनलाइन पंजीकरण भी हो चुका है, लेकिन निधि बैंक खाते में नहीं जा रही है। बैंक में पूछने पर बता चला कि खाता संख्या गलत फीड है। दो माह से खाता संख्या दुरुस्त कराने के लिए कभी ब्लाक मुख्यालय तो कभी उपनिदेशक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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पुनियां निवासी मान सिंह ने बताया कि उनका भी पंजीकरण हो चुका है, लेकिन सम्मान निधि की एक भी किस्त उनके बैंक खाते में नहीं गई है। बैंक से पता किया तो पता चला कि खाता संख्या गलत फीड है। सही कराने के लिए कई बार ब्लाक कार्यालय गए, अब उपनिदेशक कार्यालय भी खाता नंबर सही कराने आए हैं।
बरबा निवासी विजय सिंह भी किसान सम्मान निधि पाने के लिए कभी ब्लाक, कभी बैंक तो कभी उपनिदेशक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उनका भी पंजीकरण हो चुका है, लेकिन सम्मान निधि उनके खाते में नहीं पहुंच पा रही। कई बार आवश्यक अभिलेख वह उपलब्ध करा चुके हैं, लेकिन खाता संख्या दुरुस्त नहीं हो पा रही।
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र ने बताया कि खाता संख्या किसी भी कारण से अगर गलत फीड है तो उसमें सुधार कराने के लिए किसी को भी दौड़ने की जरूरत नहीं है। संबंधित किसान उस खाते से अपना आधार लिंक करा दे। खाते में आधार लिंक होगा तो स्वत: ही भुगतान की प्रक्रिया में आ जाएगा। अब आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम है, इसलिए गलती की संभावना कम है। जिस खाते में आधार लिंक है, वही खाता संख्या पंजीकरण के साथ भी लगाना जरूरी है।
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माधौगंज विकास खंड के ग्राम बाबटमऊ निवासी सूरज सिंह ने बताया कि उनके चाचा दिनेश सिंह का पंजीकरण किसान सम्मान निधि के लिए हो चुका है। हर जगह से पात्रता की पुष्टि भी करा ली गई है, फीडिंग के दौरान उनकी बैंक खाता संख्या गलत कर दी गई। चार बार संशोधन करा चुके हैं, लेकिन कर्मचारी दौड़ा रहे हैं। लाभ नहीं मिल पा रहा।
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अटवा निवासी देशराज ने बताया कि वह किसान सम्मान निधि के लिए पात्र हैं। ऑनलाइन पंजीकरण भी हो चुका है, लेकिन निधि बैंक खाते में नहीं जा रही है। बैंक में पूछने पर बता चला कि खाता संख्या गलत फीड है। दो माह से खाता संख्या दुरुस्त कराने के लिए कभी ब्लाक मुख्यालय तो कभी उपनिदेशक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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पुनियां निवासी मान सिंह ने बताया कि उनका भी पंजीकरण हो चुका है, लेकिन सम्मान निधि की एक भी किस्त उनके बैंक खाते में नहीं गई है। बैंक से पता किया तो पता चला कि खाता संख्या गलत फीड है। सही कराने के लिए कई बार ब्लाक कार्यालय गए, अब उपनिदेशक कार्यालय भी खाता नंबर सही कराने आए हैं।
बरबा निवासी विजय सिंह भी किसान सम्मान निधि पाने के लिए कभी ब्लाक, कभी बैंक तो कभी उपनिदेशक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उनका भी पंजीकरण हो चुका है, लेकिन सम्मान निधि उनके खाते में नहीं पहुंच पा रही। कई बार आवश्यक अभिलेख वह उपलब्ध करा चुके हैं, लेकिन खाता संख्या दुरुस्त नहीं हो पा रही।
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र ने बताया कि खाता संख्या किसी भी कारण से अगर गलत फीड है तो उसमें सुधार कराने के लिए किसी को भी दौड़ने की जरूरत नहीं है। संबंधित किसान उस खाते से अपना आधार लिंक करा दे। खाते में आधार लिंक होगा तो स्वत: ही भुगतान की प्रक्रिया में आ जाएगा। अब आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम है, इसलिए गलती की संभावना कम है। जिस खाते में आधार लिंक है, वही खाता संख्या पंजीकरण के साथ भी लगाना जरूरी है।