फर्जी वकील: अदालत में करता रहा लूटेरों की पैरवी, जारी हुए वारंट से खुला राज, पुलिस पर खड़े हुए सवालिया निशान
उत्तर प्रदेश के हरदोई में 2016 में दर्ज हुए लूट के मुकदमे में फर्जी वकील अदालत में लुटेरों की पैरवी करता था। गैर हाजिर रहने पर अदालत से जारी हुए वारंट ने खुलासा किया।
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हरदोई जिले में उड़ीसा के रहने वाले रोबिन दास और अर्जुन दास के खिलाफ दर्ज हुए लूट के मामले में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जमानत लेने वाले जमीनदार फर्जी हैं। साथ ही उनकी पैरवी कर रहा वकील भी फर्जी निकला। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब अदालत ने एनबीडब्ल्यू और कुर्की की कार्रवाई की।
सीओ सिटी विनोद कुमार द्विवेदी ने कोतवाली शहर में दी तहरीर में कहा है कि 11 मार्च 2016 को कछौना कोतवाली में रोबिन दास निवासी प्रभोकोट थाना कोरई जिला जाजपुर उड़ीसा और जाजपुर जिले के थाना कोरई के कोनतरा गांव निवासी अर्जुन दास को लूट की वारदात में नामजद किया गया था।
इस मामले की अशोक कुमार दीक्षित नाम का वकील पैरवी भी कर रहा था। अशोक निवासी जपरा थाना टड़ियावां व बाबू निवासी नेवादा लोनार को रोबिन दास का और सूबेदार निवासी नानकगंज ग्रंट कोतवाली देहात व श्रीराम निवासी ईश्वरी पुरवा मजरा नानकगंज ग्रंट को अर्जुन दास का जामीनदार बनाया गया था।
इधर लगातार गैर हाजिर होने पर अदालत ने एनबीडब्ल्यू और धारा 82/83 की कार्रवाई कर दी। सीओ सिटी ने कहा कि उस मामले में जो जामीनदार लगाए गए, उनका कहीं से कोई भी पता नहीं चल रहा है। नानकगंज ग्रंट के प्रधान के मुताबिक उनके यहां सूबेदार नाम का कोई नहीं है और श्रीराम की 17 जनवरी 2020 में ही मौत हो चुकी है।
इसके अलावा अशोक और बाबू की जमानत फर्जी निकली। सीओ सिटी का कहना है कि जब उन्होंने बार एसोसिएशन में अशोक कुमार दीक्षित नाम के वकील के बारे में जानकारी जुटाई,तो इस नाम के अधिवक्ता का बार एसोसिएशन में नाम नहीं दर्ज है।