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डिजिटल मैप में दर्ज हरदोई के स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 18 Jan 2015 12:33 AM IST
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सूबे के चयनित सात जिलों में हरदोई पहला जिला बन गया,
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जिसमें विद्यालय की भौगोलिक स्थिति डिजिटल मैप पर दिखाई देने लगी है। इसके
साथ ही जल्द ही स्कूल के भौतिक संसाधनों का विवरण भी आनलाइन नजर आने
लगेंगे। इससे जहां शैक्षिक स्तर में सुधार होगा और वहीं मतदान आदि में
स्कूलों की स्थिति जानने में अफसरों, कर्मियों को आसानी हो जाएगी।
प्रदेश में सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों को निर्माण कार्य के साथ-साथ अन्य भौतिक संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत माध्यमिक स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। अभियान के तहत लगभग मानक के अनुरूप सभी गांव में स्कूल संचालित हो गए हैं। इन स्कूलों में कई वर्षों से लगातार भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे है।
माध्यमिक विद्यालयों में भी संसाधन पहुंच रहे है। अब स्कूलों का शैक्षिक स्तर को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। नवीन वित्तीय वर्ष में शैक्षिक स्तर को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कवायद शुरू की गई थी। जिसके तहत प्रदेश सात जिलों को चयन किया गया है, जिसमें बांदा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा और हरदोई शामिल है।
इन जिलों में योजना के शुभारंभ में जीपीएस आधारित डिजिटल डाटा वेस सृजन एवं डिसीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित किया गया है। इसका कार्य जिले में फरवरी में रिमोट सेसिंग एप्लीकेशन सेंटर लखनऊ के प्रमुख वैज्ञानिक अनिल कुमार के नेतृत्व में आई टीम ने कार्य शुरू किया था।
जिसमें वैज्ञानिक जगन्नाथ महेतरी, विजय प्रलाव राव, सहायक उप्रेंद्र मणि तिवारी, प्रांजल मिश्र, प्रमोद चौहान, जितेंद्र कुमार आदि शामिल थे। प्रदेश में जिला पहला जिला बन गया है, जिसके शैक्षणिक संस्थानों को विवरण डिजिटल मैप में फीड किया जा चुका है। स्कूल कितने दक्षांश, कितने उत्तरांश पर स्थित हैं, यह दर्ज हो गया है।
भौगोलिक स्थित दर्ज होने के बाद अब विद्यालयों में संसाधानों का विवरण दर्ज किया जा रहा है। इससे जल्द ही स्कूलों के संसाधनों का विवरण भी आनलाइन हो जाएगा। प्रदेश में जिला अन्य जिलों से अव्वल होगा और शैक्षिक स्तर में सुधार होगा। जिले के 5591 स्कूल डिजिटल मैप में नजर आएंगे।
उधर, डिजिटल सिस्टम में एमआईएस से स्कूल में तैनात टीचर, शिक्षामित्र, रसोइया, अनुदेशक, चपरासी आदि का विवरण भी आनलाइन किया जाएगा और स्कूल भवन की स्थित, कक्षों की स्थित, पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी, बिजली, कंप्यूटर, खेल सामग्री आदि का विवरण भी शामिल है।
एमआईएस प्रभारी शैलेंद्र झा ने बताया कि जिले के 5591 स्कूलों के विवरण की सूची मिल गई है। जिसमें अक्षांश आदि का विवरण फीड है, उसमें एमआईएस के माध्यम से फीड डाटा का जोड़ा जा रहा है। डाटा केंद्र सरकार के पास पहुुंचते ही विवरण आनलाइन हो जाएगा।
प्रदेश में सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों को निर्माण कार्य के साथ-साथ अन्य भौतिक संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत माध्यमिक स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। अभियान के तहत लगभग मानक के अनुरूप सभी गांव में स्कूल संचालित हो गए हैं। इन स्कूलों में कई वर्षों से लगातार भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे है।
माध्यमिक विद्यालयों में भी संसाधन पहुंच रहे है। अब स्कूलों का शैक्षिक स्तर को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। नवीन वित्तीय वर्ष में शैक्षिक स्तर को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कवायद शुरू की गई थी। जिसके तहत प्रदेश सात जिलों को चयन किया गया है, जिसमें बांदा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा और हरदोई शामिल है।
इन जिलों में योजना के शुभारंभ में जीपीएस आधारित डिजिटल डाटा वेस सृजन एवं डिसीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित किया गया है। इसका कार्य जिले में फरवरी में रिमोट सेसिंग एप्लीकेशन सेंटर लखनऊ के प्रमुख वैज्ञानिक अनिल कुमार के नेतृत्व में आई टीम ने कार्य शुरू किया था।
जिसमें वैज्ञानिक जगन्नाथ महेतरी, विजय प्रलाव राव, सहायक उप्रेंद्र मणि तिवारी, प्रांजल मिश्र, प्रमोद चौहान, जितेंद्र कुमार आदि शामिल थे। प्रदेश में जिला पहला जिला बन गया है, जिसके शैक्षणिक संस्थानों को विवरण डिजिटल मैप में फीड किया जा चुका है। स्कूल कितने दक्षांश, कितने उत्तरांश पर स्थित हैं, यह दर्ज हो गया है।
भौगोलिक स्थित दर्ज होने के बाद अब विद्यालयों में संसाधानों का विवरण दर्ज किया जा रहा है। इससे जल्द ही स्कूलों के संसाधनों का विवरण भी आनलाइन हो जाएगा। प्रदेश में जिला अन्य जिलों से अव्वल होगा और शैक्षिक स्तर में सुधार होगा। जिले के 5591 स्कूल डिजिटल मैप में नजर आएंगे।
उधर, डिजिटल सिस्टम में एमआईएस से स्कूल में तैनात टीचर, शिक्षामित्र, रसोइया, अनुदेशक, चपरासी आदि का विवरण भी आनलाइन किया जाएगा और स्कूल भवन की स्थित, कक्षों की स्थित, पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी, बिजली, कंप्यूटर, खेल सामग्री आदि का विवरण भी शामिल है।
एमआईएस प्रभारी शैलेंद्र झा ने बताया कि जिले के 5591 स्कूलों के विवरण की सूची मिल गई है। जिसमें अक्षांश आदि का विवरण फीड है, उसमें एमआईएस के माध्यम से फीड डाटा का जोड़ा जा रहा है। डाटा केंद्र सरकार के पास पहुुंचते ही विवरण आनलाइन हो जाएगा।