फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Effect of weather: Children and elderly are getting affected by ear and throat infections

मौसम का असर : कान व गले में संक्रमण की चपेट में आ रहे बच्चे व बुजुर्ग

Thu, 22 May 2025 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 May 2025 11:14 PM IST
विज्ञापन
Effect of weather: Children and elderly are getting affected by ear and throat infections
हरदोई। भीषण गर्मी में बुखार के बाद कान और गले के संक्रमण के रोगी बढ़ गए हैं। इनमें बच्चों से लेकर बड़े तक शामिल हैं। बच्चों के टांसिल में सूजन और बड़ों में कान में दर्द (ओटाइटिस मीडिया) के लक्षण सामने आ रहे हैं। दाेनों ही रोगों में समय से इलाज न मिले तो बीमारी गंभीर हो सकती है। ओटाइटिस मीडिया में तो कान का पर्दा फट सकता है और व्यक्ति स्थाई रूप से बहरा हो जाता है।
विज्ञापन




तेज धूप से आकर ठंडा पानी पीने और आइस्क्रीम खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। सर्दी व जुकाम से ग्रसित होने के बाद गले व कान में संक्रमण काफी बढ़ रहा है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी में कान, नाक व गला विभाग में रोजाना 250 से 300 मरीजों को चिकित्सीय परामर्श दिया जा रहा है। ईएनटी चिकित्सक डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि बच्चों के टांसिल में सूजन और बड़ों में फंगल से कान में दर्द हो रहा है। बुजुर्गाें में ओटाइटिस मीडिया एक्यूट व बच्चों में ओटोमाइकोसिस के लक्षण पाए जा रहे हैं। टांसिल पर गहरे ग्रे या सफेद रंग की झिल्ली जमने से सांस नली प्रभावित होती है और समय से इलाज न मिलने पर जान लेवा साबित हो जाती है। ओटाइटिस मीडिया एक्यूट में कान में दर्द में लापरवाही बरतने पर पर्दा क्षतिग्रस्त होकर फट सकता है और स्थायी बहरापन हो सकता है।
विज्ञापन




फंगल इंफेक्शन बना सकता बहरा

ओटाइटिस मीडिया का संक्रमण से कान में तेज दर्द होना, बुखार आना, कान का बहना और कम सुनाई देना व भारीपन महसूस होना। बच्चों में ओटोमाइकोसिस के लक्षण आ रहे हैं। डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि स्वीमिंग पुल या फिर वाटर पार्क और नहरों में नहाने से गंदा पानी कान में जाता, जो फंगल इंफेक्शन का कारण बन रहा है। समय से चिकित्सीय सलाह और उपचार नहीं लिया गया तो स्थाई बहरापन होना संभव है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नाक में खुश्की से हो रहा रक्त स्राव

गर्मी के दिनों में बच्चों की नाक से खून निकलने लगाता है। यह नाक में खुश्की की वजह से होता है। डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि ऐसा होने पर नाक को दबाए रखें और सिर ऊपर करके लेट जाएं। खून आना बंद हो जाएगा और यदि यह बार बार हो रहा है तो चिकित्सीय सलाह जरूर लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed