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मौसम का असर : कान व गले में संक्रमण की चपेट में आ रहे बच्चे व बुजुर्ग
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हरदोई। भीषण गर्मी में बुखार के बाद कान और गले के संक्रमण के रोगी बढ़ गए हैं। इनमें बच्चों से लेकर बड़े तक शामिल हैं। बच्चों के टांसिल में सूजन और बड़ों में कान में दर्द (ओटाइटिस मीडिया) के लक्षण सामने आ रहे हैं। दाेनों ही रोगों में समय से इलाज न मिले तो बीमारी गंभीर हो सकती है। ओटाइटिस मीडिया में तो कान का पर्दा फट सकता है और व्यक्ति स्थाई रूप से बहरा हो जाता है।
तेज धूप से आकर ठंडा पानी पीने और आइस्क्रीम खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। सर्दी व जुकाम से ग्रसित होने के बाद गले व कान में संक्रमण काफी बढ़ रहा है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी में कान, नाक व गला विभाग में रोजाना 250 से 300 मरीजों को चिकित्सीय परामर्श दिया जा रहा है। ईएनटी चिकित्सक डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि बच्चों के टांसिल में सूजन और बड़ों में फंगल से कान में दर्द हो रहा है। बुजुर्गाें में ओटाइटिस मीडिया एक्यूट व बच्चों में ओटोमाइकोसिस के लक्षण पाए जा रहे हैं। टांसिल पर गहरे ग्रे या सफेद रंग की झिल्ली जमने से सांस नली प्रभावित होती है और समय से इलाज न मिलने पर जान लेवा साबित हो जाती है। ओटाइटिस मीडिया एक्यूट में कान में दर्द में लापरवाही बरतने पर पर्दा क्षतिग्रस्त होकर फट सकता है और स्थायी बहरापन हो सकता है।
फंगल इंफेक्शन बना सकता बहरा
ओटाइटिस मीडिया का संक्रमण से कान में तेज दर्द होना, बुखार आना, कान का बहना और कम सुनाई देना व भारीपन महसूस होना। बच्चों में ओटोमाइकोसिस के लक्षण आ रहे हैं। डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि स्वीमिंग पुल या फिर वाटर पार्क और नहरों में नहाने से गंदा पानी कान में जाता, जो फंगल इंफेक्शन का कारण बन रहा है। समय से चिकित्सीय सलाह और उपचार नहीं लिया गया तो स्थाई बहरापन होना संभव है।
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नाक में खुश्की से हो रहा रक्त स्राव
गर्मी के दिनों में बच्चों की नाक से खून निकलने लगाता है। यह नाक में खुश्की की वजह से होता है। डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि ऐसा होने पर नाक को दबाए रखें और सिर ऊपर करके लेट जाएं। खून आना बंद हो जाएगा और यदि यह बार बार हो रहा है तो चिकित्सीय सलाह जरूर लें।
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तेज धूप से आकर ठंडा पानी पीने और आइस्क्रीम खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। सर्दी व जुकाम से ग्रसित होने के बाद गले व कान में संक्रमण काफी बढ़ रहा है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी में कान, नाक व गला विभाग में रोजाना 250 से 300 मरीजों को चिकित्सीय परामर्श दिया जा रहा है। ईएनटी चिकित्सक डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि बच्चों के टांसिल में सूजन और बड़ों में फंगल से कान में दर्द हो रहा है। बुजुर्गाें में ओटाइटिस मीडिया एक्यूट व बच्चों में ओटोमाइकोसिस के लक्षण पाए जा रहे हैं। टांसिल पर गहरे ग्रे या सफेद रंग की झिल्ली जमने से सांस नली प्रभावित होती है और समय से इलाज न मिलने पर जान लेवा साबित हो जाती है। ओटाइटिस मीडिया एक्यूट में कान में दर्द में लापरवाही बरतने पर पर्दा क्षतिग्रस्त होकर फट सकता है और स्थायी बहरापन हो सकता है।
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फंगल इंफेक्शन बना सकता बहरा
ओटाइटिस मीडिया का संक्रमण से कान में तेज दर्द होना, बुखार आना, कान का बहना और कम सुनाई देना व भारीपन महसूस होना। बच्चों में ओटोमाइकोसिस के लक्षण आ रहे हैं। डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि स्वीमिंग पुल या फिर वाटर पार्क और नहरों में नहाने से गंदा पानी कान में जाता, जो फंगल इंफेक्शन का कारण बन रहा है। समय से चिकित्सीय सलाह और उपचार नहीं लिया गया तो स्थाई बहरापन होना संभव है।
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नाक में खुश्की से हो रहा रक्त स्राव
गर्मी के दिनों में बच्चों की नाक से खून निकलने लगाता है। यह नाक में खुश्की की वजह से होता है। डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि ऐसा होने पर नाक को दबाए रखें और सिर ऊपर करके लेट जाएं। खून आना बंद हो जाएगा और यदि यह बार बार हो रहा है तो चिकित्सीय सलाह जरूर लें।