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जब कुछ पता ही नहीं, तो क्यों बने नोडल अफसर%
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पत्रकारों से वार्र्ता करते औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने सोमवार को विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान विधायक ने बिजली के खंभे लगाने में मनमानी की बात कही। इस पर प्रभारी मंत्री ने बिजली विभाग के नोडल अफसर से सवाल किया तो वह बगले झांकने लगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जब कुछ पता नहीं तो नोडल अफसर काहे बने। उनके तेवर देख अफसरों के सर्दी में भी पसीना छूट गए।
औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के विकास कार्यों की समीक्षा करने के दौरान सदर विधायक नितिन अग्रवाल ने बिजली के खंभे लगाने में हो रही मनमानी पर सवाल उठाया। इस पर प्रभारी मंत्री ने अधीक्षण अभियंता के बारे में पूछा। पता चला कि नोडल अधिकारी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-एक ओपी पाल हैं। उनसे सवाल पूछा गया तो वह चुप्पी साध गए। इससे नाराज मंत्री ने कहा कि ऐसे नोडल अफसर बनने से क्या फायदा। सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने सामुदायिक शौचालयों के एस्टीमेट स्वीकृत न होने और भुगतान न होने की बात कही। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल निर्माण कार्यों में जिले को पुरस्कार मिलने का हवाला देने लगे। इस पर प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने कहा कि जब एस्टीमेट नहीं, भुगतान नहीं तो फिर पुरस्कार का भी महत्व नहीं रह जाता।
बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा ने एक-एक बीडीओ के पास तीन-तीन ब्लॉकों का कार्यभार होने की बात कही। इस पर डीएम अविनाश कुमार ने खंड विकास अधिकारियों की कमी होने का हवाला दिया। ग्राम प्रधानों के भुगतान लंबित होने की जानकारी पर प्रभारी मंत्री ने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि जो कार्य हो चुके हैं, उनका भुगतान हर हाल में दो दिन में हो जाए। निर्देश दिए कि पंचायत चुनाव में पार्टी न बनें, जो सही हो वही करें। विधायक निधि की दूसरी किस्तेें जारी न किए जाने पर प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने नाराजगी जताई। बैठक में विधायक राजकुमार अग्रवाल, प्रभाष कुमार भी मौजूद रहे।
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प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी रामशरण, मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र कोमिल को प्रमाण पत्र वितरित किए। कालिंदी, लल्लन, दीपक कुमार शुक्ला और अनिल कुमार को सहायक उपकरण दिए गए। शानू, छोटू, आशू, बांकू, मोहनलाल को आयुष्मान कार्ड दिए गए। रामकली और मुन्नी को कैटेल शेड निर्माण का स्वीकृति पत्र दिया गया। सौ दिन मनरेगा में काम करने वाली गहकोरा, सुनीता और रामश्री को प्रमाण पत्र दिया गया। राहत अली और अभिषेक कुमार को नाई टूल किट, संजय कुमार, रामकिशोर और विजयपाल को लोहार टूल किट वितरित की गई। अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को भी स्वीकृत पत्र वितरित किए गए।
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औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के विकास कार्यों की समीक्षा करने के दौरान सदर विधायक नितिन अग्रवाल ने बिजली के खंभे लगाने में हो रही मनमानी पर सवाल उठाया। इस पर प्रभारी मंत्री ने अधीक्षण अभियंता के बारे में पूछा। पता चला कि नोडल अधिकारी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-एक ओपी पाल हैं। उनसे सवाल पूछा गया तो वह चुप्पी साध गए। इससे नाराज मंत्री ने कहा कि ऐसे नोडल अफसर बनने से क्या फायदा। सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने सामुदायिक शौचालयों के एस्टीमेट स्वीकृत न होने और भुगतान न होने की बात कही। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल निर्माण कार्यों में जिले को पुरस्कार मिलने का हवाला देने लगे। इस पर प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने कहा कि जब एस्टीमेट नहीं, भुगतान नहीं तो फिर पुरस्कार का भी महत्व नहीं रह जाता।
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बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा ने एक-एक बीडीओ के पास तीन-तीन ब्लॉकों का कार्यभार होने की बात कही। इस पर डीएम अविनाश कुमार ने खंड विकास अधिकारियों की कमी होने का हवाला दिया। ग्राम प्रधानों के भुगतान लंबित होने की जानकारी पर प्रभारी मंत्री ने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि जो कार्य हो चुके हैं, उनका भुगतान हर हाल में दो दिन में हो जाए। निर्देश दिए कि पंचायत चुनाव में पार्टी न बनें, जो सही हो वही करें। विधायक निधि की दूसरी किस्तेें जारी न किए जाने पर प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने नाराजगी जताई। बैठक में विधायक राजकुमार अग्रवाल, प्रभाष कुमार भी मौजूद रहे।
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प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी रामशरण, मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र कोमिल को प्रमाण पत्र वितरित किए। कालिंदी, लल्लन, दीपक कुमार शुक्ला और अनिल कुमार को सहायक उपकरण दिए गए। शानू, छोटू, आशू, बांकू, मोहनलाल को आयुष्मान कार्ड दिए गए। रामकली और मुन्नी को कैटेल शेड निर्माण का स्वीकृति पत्र दिया गया। सौ दिन मनरेगा में काम करने वाली गहकोरा, सुनीता और रामश्री को प्रमाण पत्र दिया गया। राहत अली और अभिषेक कुमार को नाई टूल किट, संजय कुमार, रामकिशोर और विजयपाल को लोहार टूल किट वितरित की गई। अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को भी स्वीकृत पत्र वितरित किए गए।