फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Disturbed children in schools by summer

विद्यालयों में गर्मी से परेशान बच्चे

Sun, 17 Apr 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई Updated Sun, 17 Apr 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
Disturbed children in schools by summer
school - फोटो : अमर उजाला

हरदोई। गर्मी बढ़ने के साथ ही परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए कक्षा में बैठना भी मुश्किल होता जा रहा है। करोड़ों रुपये व्यय होने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों के बच्चे गर्मी में पसीना बहा रहे हैं। सबसे खराब स्थिति शहरी क्षेत्र की है जहां 27 में से 25 विद्यालयों में अब तक बिजली कनेक्शन नहीं कराया गया है जिससे बच्चे गर्मी में बिलबिलाने को विवश हैं।

विज्ञापन


परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बिजली की सुविधा देने के लिए वर्ष 2008-09 में विद्युतीकरण योजना शुरू की गई थी। इसके तहत जिले के 3856 परिषदीय विद्यालयों में से सिर्फ 1658 विद्यालयों में विद्युतीकरण हो सका है। योजना में शहरी क्षेत्र के 27 विद्यालयों को शामिल किया गया, लेकिन अभी तक दो विद्यालयों में ही विद्युतीकरण हुआ है। गर्मी बढ़ने के बाद शहरी विद्यालयों में ही बच्चों का बैठना दूभर हो गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत कनेक्शन होने के बाद भी आपूर्ति न हो पाने के कारण बच्चे गर्मी में जूझने को विवश हैं।
विज्ञापन


बकाया जमा न होने से कनेक्शन कटा
हरदोई। मोहन लाल जूनियर हाई स्कूल की प्रधानाध्यापक सुमन लता ने बताया कि बिजली बिल न जमा होने के कारण कनेक्शन कटा है। पंखों को सुरक्षा की दृष्टि से उतार कर रख दिया गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है। यही हाल कन्या जूनियर हाई स्कूल रेलवे गंज का है। एबीआरसी प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि दोनों विद्यालयों का कनेक्शन बिल जमा न होने कारण कटा है। अन्य विद्यालयों को योजना में शामिल ही नहीं किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मॉडल विद्यालय का हाल
जिले में अंग्रेजी माध्यम के लिए शहर के प्राथमिक विद्यालय ऊंचा थोक को चुना गया है। मगर उसका कनेक्शन आज तक नहीं हो सका। इससे इस बच्चे गर्मी में पसीना बहाते हैं।

इस प्रकार की गई थी व्यवस्था
हरदोई। विद्युतीकरण योजना के तहत विद्यालयोेें में वायरिंग के साथ पांच सीलिंग फैन, पांच ट्यूब लाइट लगनी थी। विद्यालय में मेन स्विच व कट आउट लगाया जाना था। वायरिंग के लिए प्रति विद्यालय 29 हजार पांच सौ रुपये व्यय किए गए हैं। विभाग अब तक विद्यालयों के विद्युतीकरण पर चार करोड़ 89 लाख 11 हजार रुपये व्यय कर चुका है। इसके अलावा प्रति वर्ष साठ हजार रुपये का बिजली बिल भी अदा किया जा रहा है। इसके बाद भी जिले में ही नहीं शहरी क्षेत्र में बच्चे गर्मी में परेशान होने को विवश हैं।


यह योजना पूर्व की है। जिन विद्यालयों में विद्युतीकरण हुआ है। उनकी यथा स्थिति बीईओ से निर्धारित प्रारूप पर मांगी गई है। शहर के जिन विद्यालयों में कनेक्शन कटे हैं। उनके विषय में नगर शिक्षा अधिकारी से जानकारी कर उनमें बिजली आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। - डा. बृजेश मिश्र, बीएसए

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed