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Hardoi News: दो साल बाद डिजिटल एक्सरे मशीन सुधरी, अब होंगे एक्सरे
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हरदोई। जिले के मरीजों को दो साल के बाद फिर से डिजिटल एक्सरे मशीन का लाभ मिल सकेगा। मशीन को दुरूस्त करा लिया गया है और इससे एक्सरे निकालने का परीक्षण भी पूरा किया जा चुका है। एक्सरे फिल्म प्रिंटर मशीन आते ही मरीजों के डिजिटल मशीन से एक्सरे शुरू कर दिए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीजों को सहूलियत के लिए अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई लेकिन कुछ समय बाद मशीन खराब हो गई। एक्सरे पोर्टेबल मशीन से होने लगे। नतीजा यह हुआ कि दो साल बीत गए लेकिन मशीन सही नहीं हो सकी। अधिक क्षमता की पोर्टेबल मशीन भी खराब हो गई। इमरजेंसी की पोर्टेबल मशीन से काम लिया गया तो दिन भर में सिर्फ 70 से 80 एक्सरे ही हो पा रहे, जबकि मरीज रोजाना 200 से 250 आते हैं। घंटों लाइन लगाने के बाद भी मरीज बिना एक्सरे कराए लौट जाते हैं। हालांकि अब मरीजों को राहत मिलने वाली है।
प्रधानाचार्य डॉ. जविन विष्णु गोगोई के प्रयासों से डिजिटल मशीन दुरूस्त हो गई और परीक्षण भी पूरा कर लिया गया। एक्सरे फिल्म निकालने वाली प्रिंटर मशीन दूसरी मंगाई गई है। प्रिंटर आते ही दो साल बाद डिजिटल एक्सरे मशीन का लाभ मिल सकेग।
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कोट डिजिटल मशीन दुरूस्त हो गई लेकिन फिल्म की प्रिंटिंग नहीं हो पा रही है। इसके लिए विशेषज्ञों को बुला लिया गया है। विशेषज्ञ एक बार मशीन की जांच कर लें, अगर मशीन बनने लायक है तो बनवा ली जाएगी और अगर नहीं बन सकेगी तो दूसरी मशीन मंगाई जाएगी।
डाॅ. जविन विष्णु गोगोई
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीजों को सहूलियत के लिए अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई लेकिन कुछ समय बाद मशीन खराब हो गई। एक्सरे पोर्टेबल मशीन से होने लगे। नतीजा यह हुआ कि दो साल बीत गए लेकिन मशीन सही नहीं हो सकी। अधिक क्षमता की पोर्टेबल मशीन भी खराब हो गई। इमरजेंसी की पोर्टेबल मशीन से काम लिया गया तो दिन भर में सिर्फ 70 से 80 एक्सरे ही हो पा रहे, जबकि मरीज रोजाना 200 से 250 आते हैं। घंटों लाइन लगाने के बाद भी मरीज बिना एक्सरे कराए लौट जाते हैं। हालांकि अब मरीजों को राहत मिलने वाली है।
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प्रधानाचार्य डॉ. जविन विष्णु गोगोई के प्रयासों से डिजिटल मशीन दुरूस्त हो गई और परीक्षण भी पूरा कर लिया गया। एक्सरे फिल्म निकालने वाली प्रिंटर मशीन दूसरी मंगाई गई है। प्रिंटर आते ही दो साल बाद डिजिटल एक्सरे मशीन का लाभ मिल सकेग।
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कोट डिजिटल मशीन दुरूस्त हो गई लेकिन फिल्म की प्रिंटिंग नहीं हो पा रही है। इसके लिए विशेषज्ञों को बुला लिया गया है। विशेषज्ञ एक बार मशीन की जांच कर लें, अगर मशीन बनने लायक है तो बनवा ली जाएगी और अगर नहीं बन सकेगी तो दूसरी मशीन मंगाई जाएगी।
डाॅ. जविन विष्णु गोगोई