{"_id":"59610a974f1c1b27718b4791","slug":"destroyed-under-the-name-of-removal-of-encroachment","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण हटाने के नाम पर उजाड़ दिया कुनबा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण हटाने के नाम पर उजाड़ दिया कुनबा
हरदोई
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:08 PM IST
विज्ञापन
जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सवायजपुर। नेक इरादे के साथ शुरू हुआ एंटी भू माफिया ऑपरेशन विवादों में आ गया है। एडीएम ने सभी एसडीएम को पत्र भेजकर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने से मना किया था, जो भूमिहीन या निराश्रित हैं। एडीएम के आदेश से इतर एसडीएम सवाजयपुर की अगुआई में तहसीलदार व प्रशासनिक टीम ने 1 जुलाई को ग्राम चतरखा में एक ऐसे ही निर्माण को ढहा दिया है। तहसील की कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार के 14 सदस्य 6 दिन पहले जन्मे नवजात के साथ खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं। पीड़ित परिवार ने डीएम से न्याय गुहार लगाई है।
सरकार बनाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले सूबे में अवैध कब्जेदारों के खिलाफ अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए थे। सीएम के आदेश पर जिले में डीएम की अगुआई में जिला व एसडीएम की अगुआई में तहसील स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। शुरुआती दौर में ही कार्रवाई के नाम छोटे लोगों को निशाना बनाया जाने लगा। मामला संज्ञान में आया तो एडीएम डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने 30 मई को सभी एसडीएम को एक पत्र जारी किया और कहा कि टास्क फोर्स का प्रमुख उद्देश्य बड़े कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करना है। एडीएम ने बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए निराश्रितों को बेघर न करने के निर्देश दिए थे। एडीएम के निर्देश से इतर एसडीएम सवाजयपुर की अगुआई में 1 जुलाई को चतरखा बरनई गांव में राजीव पुत्र रामेश्वर और उसके भाइयों का कुनबा ढहा दिया गया। तहसील की ओर से की गई कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव में ग्राम समाज की जमीन पर करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने कब्जा कर रखा है। अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ उसका ही मकान ढहाया है। कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार के 14 सदस्य छह दिन पहले जन्मे बच्चे के साथ बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे रात काट रहे हैं। चार दिन पहले पीड़ित परिवार ने डीएम आफिस के सामने धरना भी दिया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि अब डीएम से ही न्याय की आस है।
वर्जन
चतरखा अतिक्रमण ढहाए जाने के मामले में जो भी बयान लेना है वह डीएम मैडम से लीजिए। डीएम मैडम ने मुझे इस बाबत बयान देने से रोका है।
वंदना त्रिवेदी एसडीएम सवायजपुर
विज्ञापन
सवायजपुर। नेक इरादे के साथ शुरू हुआ एंटी भू माफिया ऑपरेशन विवादों में आ गया है। एडीएम ने सभी एसडीएम को पत्र भेजकर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने से मना किया था, जो भूमिहीन या निराश्रित हैं। एडीएम के आदेश से इतर एसडीएम सवाजयपुर की अगुआई में तहसीलदार व प्रशासनिक टीम ने 1 जुलाई को ग्राम चतरखा में एक ऐसे ही निर्माण को ढहा दिया है। तहसील की कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार के 14 सदस्य 6 दिन पहले जन्मे नवजात के साथ खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं। पीड़ित परिवार ने डीएम से न्याय गुहार लगाई है।
सरकार बनाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले सूबे में अवैध कब्जेदारों के खिलाफ अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए थे। सीएम के आदेश पर जिले में डीएम की अगुआई में जिला व एसडीएम की अगुआई में तहसील स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। शुरुआती दौर में ही कार्रवाई के नाम छोटे लोगों को निशाना बनाया जाने लगा। मामला संज्ञान में आया तो एडीएम डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने 30 मई को सभी एसडीएम को एक पत्र जारी किया और कहा कि टास्क फोर्स का प्रमुख उद्देश्य बड़े कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करना है। एडीएम ने बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए निराश्रितों को बेघर न करने के निर्देश दिए थे। एडीएम के निर्देश से इतर एसडीएम सवाजयपुर की अगुआई में 1 जुलाई को चतरखा बरनई गांव में राजीव पुत्र रामेश्वर और उसके भाइयों का कुनबा ढहा दिया गया। तहसील की ओर से की गई कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव में ग्राम समाज की जमीन पर करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने कब्जा कर रखा है। अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ उसका ही मकान ढहाया है। कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार के 14 सदस्य छह दिन पहले जन्मे बच्चे के साथ बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे रात काट रहे हैं। चार दिन पहले पीड़ित परिवार ने डीएम आफिस के सामने धरना भी दिया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि अब डीएम से ही न्याय की आस है।
विज्ञापन
वर्जन
चतरखा अतिक्रमण ढहाए जाने के मामले में जो भी बयान लेना है वह डीएम मैडम से लीजिए। डीएम मैडम ने मुझे इस बाबत बयान देने से रोका है।
वंदना त्रिवेदी एसडीएम सवायजपुर