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Hardoi News: निशुल्क एंबुलेंस सेवा के बावजूद निजी एंबुलेंस का अस्पताल पर कब्जा

Mon, 25 Aug 2025 11:08 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:08 PM IST
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Despite free ambulance service, private ambulances occupy the hospital
हरदोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में सरकार की तरफ से निशुल्क एंबुलेंस सेवा होने के बावजूद मरीजों को निजी एंबुलेंस से रेफर किया जाता है। खास कर रात के समय निजी एंबुलेंस परिसर में धड़ल्ले से प्रवेश करती हैं और मरीजों को लेकर जाती हैं। इससे न सिर्फ अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि तीमारदारों का आर्थिक शोषण भी होता है।
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जिले में 108 सेवा की 47 एंबुलेंस, 102 सेवा की 48 और एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) की छह एंबुलेंस हैं। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में 24 घंटे एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध रहती है। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज के बाहर निजी एंबुलेंस का जखीरा खड़ा रहता है। परिसर के बाहर हर वक्त 10 से 15 वैन और बड़ी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं।
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इन एंबुलेंस में मौजूद चालक और उनके सहयोगी हर वक्त इमरजेंसी के आसपास मरीजों के तीमारादारों को बेहतर इलाज के दूसरे अस्पताल में रेफर कराने की जुगत में लगे रहते हैं। इतना ही नहीं दूसरे जिले में रेफर करने पर मरीजों को निजी एंबुलेंस ही मिलती हैं जबकि निशुल्क एंबुलेंस से मरीजों को ले जाया जा सकता है। इससे मरीज के तीमारदाराें का आर्थिक शोषण भी होता है और उन्हें परेशान भी होना पड़ता है।
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रात में बढ़ जाती सरगर्मी
निजी एंबुलेंस की सरगर्मी रात में काफी बढ़ जाती है। रात में मरीज को लाने और दूसरे अस्पतालों में ले जाने में निजी एंबुलेंस काफी दौड़ती नजर आती हैं। मेडिकल कॉलेज में भी अक्सर रात में निजी एंबुलेंस के सहयोगी भी तीमारदारों से बातचीत करते दिख जाते हैं। महिला अस्पताल में भी प्रसूताओं को ले जाने में कई बार निजी एंबुलेंस दौड़ती नजर आती हैं। ऐसे में मरीज और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।




कई बार मरीजों को नहीं पता होता है कि सरकारी निशुल्क एंबुलेंस मरीज को रेफर किए जाने पर पड़ोसी जिले में जाती हैं ऐसे में लोग निजी एंबुलेंस बुला लेते हैं। मरीज को रेफर करने पर निशुल्क एंबुलेंस से मरीज को ले जाया जा सकता है। अगर कोई एंबुलेंस ले जाने से मना करता है तो इसकी शिकायत कर सकते हैं। -राज कपूर, प्रोग्राम मैनेजर, 108 एंंबुलेंस
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