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Hardoi News: जिला अस्पताल में 10 बेड का मच्छरदानी युक्त बना डेंगू वार्ड
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। डेंगू और मलेरिया के रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद आखिरकार जिला अस्पताल प्रशासन की आंखें खुल गईं हैं। अस्पताल के नेत्र शल्य विभाग में 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है।
डेंगू वार्ड में मच्छरदानी युक्त दस बेड रिजर्व किए गए हैं। यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों की देखभाल का जिम्मा पास में ही बने आर्थो विभाग के कर्मचारियों को दिया गया है। लोगों का कहना कि वार्ड तो बना दिया गया है, लेकिन डेंगू वार्ड में मानकों की अनदेखी की गई है। सीएमएस डॉ. जेके वर्मा ने बताया कि अब जो भी डेंगू का संदिग्ध मरीज पाए जाने पर इसी वार्ड में रोका जाएगा।
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डेंगू वार्ड में यह होती है खासियत
पूर्व सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि डेंगू वार्ड में मरीजों को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी युक्त बेड होने चाहिए। खिड़िकियों में जाली लगी होनी चाहिए। ऑल आउट लगा होना चाहिए। रिर्जव स्टाफ होना चाहिए साथ ही पैथोलॉजी की इमरजेंसी सुविधा भी।
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हरदोई। डेंगू और मलेरिया के रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद आखिरकार जिला अस्पताल प्रशासन की आंखें खुल गईं हैं। अस्पताल के नेत्र शल्य विभाग में 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है।
डेंगू वार्ड में मच्छरदानी युक्त दस बेड रिजर्व किए गए हैं। यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों की देखभाल का जिम्मा पास में ही बने आर्थो विभाग के कर्मचारियों को दिया गया है। लोगों का कहना कि वार्ड तो बना दिया गया है, लेकिन डेंगू वार्ड में मानकों की अनदेखी की गई है। सीएमएस डॉ. जेके वर्मा ने बताया कि अब जो भी डेंगू का संदिग्ध मरीज पाए जाने पर इसी वार्ड में रोका जाएगा।
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डेंगू वार्ड में यह होती है खासियत
पूर्व सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि डेंगू वार्ड में मरीजों को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी युक्त बेड होने चाहिए। खिड़िकियों में जाली लगी होनी चाहिए। ऑल आउट लगा होना चाहिए। रिर्जव स्टाफ होना चाहिए साथ ही पैथोलॉजी की इमरजेंसी सुविधा भी।
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