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देहदान और पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रहे मुरलीधर
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Sun, 01 May 2016 11:22 PM IST
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मुरलीधर
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। रेलवे से सेवानिवृत्त अधिकारी एवं उपकार संस्था के महामंत्री 81 वर्षीय बुजुुर्ग मुरलीधर गुप्ता हरदोई में देहदान एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अलख जगा रहे हैं। मुरलीधर गुप्ता ने वर्ष 2007 में लखनऊ मेडिकल कालेज में सबसे पहले जिले से देहदान के लिए अपना पंजीकरण कराया था उसके बाद और लोगों को भी प्रेरित किया। उनकी प्रेरणा से करीब 59 लोग देहदान के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
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मुरलीधर कहते हैं कि जब देवताओं पर संकट आया था तो देवताओं के राजा इंद्र ने बज्र के निर्माण के लिए ऋषि दधीच से उनकी हड्डियों का दान मांगा था। तब संपूर्ण जगत की भलाई के लिए ऋषि ने अपनी देह का दान कर दिया था। आज उनकी राह पर चलने की आवश्यकता है। शव जलाए जाने पर होने वाले प्रदूषण आदि को रोकने एवं मेडिकल रिसर्च मानव कल्याण के लिए सभी को देहदान के लिए आगे आना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि 21 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए थे और उसके कुछ समय बाद ही उनकी पत्नी का निधन हो गया। जिसके बाद उन्होंने अकेलेपन से हार मानने की बजाय बेटों आदि के लिए समय देने के साथ ही समाज कल्याण के लिए मुहिम चलाई। जिसके तहत उपकार संस्था का गठन किया और पेंशनर्स के लिए हेल्पलाइन शुरू की। इसके साथ ही देहदान एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य शुरू किया। हर वर्ष देहदानियों का सम्मान और पौधरोपण के अलावा गोष्ठी आदि का आयोजन किया जा रहा है।
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देहदान के लिए पंजीकरण कराने वालों को मेडिकल कालेज से पचास फीसदी रियायती दरों पर आजीवन स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि मरणोपरांत नेत्रदान के लिए भी लोगोें को प्रेरित कर रहे हैं, ताकि हम न रहे तो भी हमारी आंखों से नेत्रहीन लोग दुनिया देख सके।