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कालरात्रि देवी मां की उपासना में लीन रहे श्रद्धालु
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फोटो-02-पंजाबी कालोनी में त्रिनेत्र फाउंडेशन के दुर्गा पंडाल में पूजन करते पदाधिकारी व श्रद्धालु?
- फोटो : HARDOI
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शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को घरों से लेकर मंदिरों में माता के कालरात्रि रूप की उपासना की गई। इधर, देवी पंडालों में पूजन के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का दौर भी जारी रहा।
शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि कालरात्रि अर्थात काल पर विजय प्राप्त करने वाली। सृष्टि संयोजन और संचालन इन्हीं मां काली की कृपा का फल है। जन्म, पालन और काल की अधिष्ठात्री मां कालरात्रि ही है।
इसका पूजन सच्चे मन से करने वाले की झोली कभी खाली नहीं रहती। जिन वस्तुओं और प्राणियों से जीव दूर भागता है वह काली मां को प्रिय है। एक बार शिव ने देवी को काली कह दिया। इस कारण उनका नाम काली पड़ गया।
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माता काली की पूजा से सब कुछ सिद्ध होता है। असुरों का नाश करने वाली काली जी की अराधना जितनी सरल है उतनी ही कठिन भी। इधर मां संतोषी माता मंदिर, फूलमती मंदिर, श्रवण देवी मंदिर सहित समस्त शहर के मंदिरों में मां का पूजन बड़े ही श्रद्धापूर्वक किया गया।
त्रिनेत्र फाउंडेशन समिति की ओर से नई बस्ती पंजाबी कालोनी में लगे मां के पंडाल में मां का पूजन विधि विधान से किया गया। उसके बाद भव्य आरती की गई। भक्तों ने इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर आनंद दीक्षित, अमृत गुप्ता , महेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सार्वजनीन दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में अग्रवाल धर्मशाला में चल रहे 49 वें दुर्गा पूजा महोत्सव में शनिवार को महासप्तमी पूजा का आयोजन किया गया। इसमें भक्तों से पंडाल खचाखच भरा दिखा। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. एमएन सरकार, डॉ. संदीप सर्वाधिकारी, दिव्येंदु बनर्जी, मुकेश डे, संदीप सरकार, नितीश कृष्ण मुखर्जी आदि मौजूद रहे।
पंचम श्री दुर्गा पूजा आयोजन समिति की ओर से बाल विद्या भवन में चले रहे दुर्गा पूजा महोत्सव में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी वाद-विवाद, शिक्षा में अध्यात्म का महत्व शीर्षक में आयोजित हुआ जिसमें प्रथम अतेंद्र कुशवाहा, द्वितीय पक्ष सौम्या पांडे व तृतीय पुरस्कार अदिति दुबे को दिया गया।
प्रतियोगिता में प्रभारी अनिल सिंह, अरुणेश मिश्रा व आकांक्षा मिश्रा प्रभारी रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. शिव शरण सिंह चौहान, प्रभा सिंह, प्रदीप तिवारी शामिल रहे। अंग्रेजी वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अरमान सिंह, द्वितीय कार्तिकेय वशु रावत व तृतीय नव्यांसी रहीं। निर्णायक मंडल में संतबक्स, अजय प्रताप सिंह, अश्वनी दीक्षित रहे। विजेताओं को प्रबंधक कीर्ति सिंह, उप प्रधानाचार्या कनुप्रिया सिंह व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी पूनम तिवारी ने पुरस्कृत किया।
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शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि कालरात्रि अर्थात काल पर विजय प्राप्त करने वाली। सृष्टि संयोजन और संचालन इन्हीं मां काली की कृपा का फल है। जन्म, पालन और काल की अधिष्ठात्री मां कालरात्रि ही है।
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इसका पूजन सच्चे मन से करने वाले की झोली कभी खाली नहीं रहती। जिन वस्तुओं और प्राणियों से जीव दूर भागता है वह काली मां को प्रिय है। एक बार शिव ने देवी को काली कह दिया। इस कारण उनका नाम काली पड़ गया।
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माता काली की पूजा से सब कुछ सिद्ध होता है। असुरों का नाश करने वाली काली जी की अराधना जितनी सरल है उतनी ही कठिन भी। इधर मां संतोषी माता मंदिर, फूलमती मंदिर, श्रवण देवी मंदिर सहित समस्त शहर के मंदिरों में मां का पूजन बड़े ही श्रद्धापूर्वक किया गया।
त्रिनेत्र फाउंडेशन समिति की ओर से नई बस्ती पंजाबी कालोनी में लगे मां के पंडाल में मां का पूजन विधि विधान से किया गया। उसके बाद भव्य आरती की गई। भक्तों ने इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर आनंद दीक्षित, अमृत गुप्ता , महेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सार्वजनीन दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में अग्रवाल धर्मशाला में चल रहे 49 वें दुर्गा पूजा महोत्सव में शनिवार को महासप्तमी पूजा का आयोजन किया गया। इसमें भक्तों से पंडाल खचाखच भरा दिखा। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. एमएन सरकार, डॉ. संदीप सर्वाधिकारी, दिव्येंदु बनर्जी, मुकेश डे, संदीप सरकार, नितीश कृष्ण मुखर्जी आदि मौजूद रहे।
पंचम श्री दुर्गा पूजा आयोजन समिति की ओर से बाल विद्या भवन में चले रहे दुर्गा पूजा महोत्सव में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी वाद-विवाद, शिक्षा में अध्यात्म का महत्व शीर्षक में आयोजित हुआ जिसमें प्रथम अतेंद्र कुशवाहा, द्वितीय पक्ष सौम्या पांडे व तृतीय पुरस्कार अदिति दुबे को दिया गया।
प्रतियोगिता में प्रभारी अनिल सिंह, अरुणेश मिश्रा व आकांक्षा मिश्रा प्रभारी रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. शिव शरण सिंह चौहान, प्रभा सिंह, प्रदीप तिवारी शामिल रहे। अंग्रेजी वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अरमान सिंह, द्वितीय कार्तिकेय वशु रावत व तृतीय नव्यांसी रहीं। निर्णायक मंडल में संतबक्स, अजय प्रताप सिंह, अश्वनी दीक्षित रहे। विजेताओं को प्रबंधक कीर्ति सिंह, उप प्रधानाचार्या कनुप्रिया सिंह व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी पूनम तिवारी ने पुरस्कृत किया।