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सेना जासूसी में फंसे युवकों का नहीं मिला क्राइम रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Thu, 02 Feb 2017 11:19 PM IST
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आर्मी
- फोटो : प्रतीकात्मक
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हरदोई। सेना की जासूसी के आरोप में धरे गए पांचों युवकों का कोई क्राइम रिकार्ड नहीं है। इनके परिजनों का दामन भी बेदाग है। परिवार के किसी भी सदस्य की न ही कोई क्राइम हिस्ट्री है और न ही मुकदमा ही चल रहा है। परिजन इस बात को लेकर परेशान हैं कि उनके बेटे इस जाल में कैसे फंस गए। कोई क्राइम हिस्ट्री न होने के कारण जिले की पुलिस भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
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मोबाइल फोन के जरिए सेना की जासूसी करने के मामले में पुलिस ने शहर के सरायथोक पश्चिमी निवासी विनीत दीक्षित पुत्र कमलेश्वर दीक्षित, मोहल्ला सदर बाजार निवासी गौरव मिश्रा पुत्र संत प्रकाश मिश्र, शाहाबाद के चौक के मूल निवासी पद्मन पुत्र अरुण रस्तोगी, और सुमित पुत्र राजकिशोर को एटीएस को गिरफ्तार किया है। शोभित पुत्र हरनाम सिंह को फरार बताया गया है।
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सुमित को छोड़कर अन्य युवकों के परिवार संपन्न हैं। पद्मन के पिता बैंक कैशियर तो विनीत व शोभित के पिता वकील हैं। सभी युवकों ने अपने परिवार के लोगों को टेलीफोन एजेंसियों में काम करने की बात बताई थी। पांचों युवकों और उनके परिजनों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। पुलिस अधिकारी भी मानते हैं कि सभी युवक अनजाने में फंस गए।
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उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं था कि वह जो काम कर रहे हैं वह देश और सेना के खिलाफ है। मामला एटीएस के हाथ में होने से जिले की पुलिस की जांच में किसी तरह की कोई भूमिका नहीं है। एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि मामला एटीएस के हाथ में है। वह केवल छापेमारी के पहले सूचना भर देती है। आगे की जांच भी एटीएस ही करेगी। हमारे स्तर से कोई खुफिया जानकारी या उनकी कुंडली नहीं खंगाली जा रही है। पांचों युवकों के खिलाफ जिले में कोई मुकदमा भी नहीं है।