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पुलिस ने दबोचा ‘नटवर लाल’

Wed, 13 Jul 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई Updated Wed, 13 Jul 2016 11:30 PM IST
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Police arrested 'Natwarlal'
ठग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

हरदोई। न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन आफ इंडिया की फर्जी शाखा खोलकर ठेकेदार से ठगी करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने बुधवार को दबोच लिया। उसके कार्यालय से साढ़े पांच लाख रुपये और 20 लाख के ड्राफ्ट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कार्यालय का सामान जब्त कर 16 कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया है। कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।

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एसपी उमेश कुमार सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि शाहाबाद के मोहल्ला खत्ता निवासी रामनरेश शुक्ला ने हरदोई के मोहल्ला आशा नगर में एक आफिस न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन आफ इंडिया के नाम से खोला था। इसे वह नरौरा कंपनी की शाखा बता रहा था। राम नरेश खुद को कंपनी का संचालक बताता था।
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उसने पिछले महीने दो अखबारों में हरदोई, लखीमपुर और शाहजहांपुर में न्यूक्लियर कंपनी के पाइप लाइन बिछाने का ठेका उठाने के लिए टेंडर निकाला था। टेंडर में तीनों काम 1250 करोड़ रुपये के बताए गए थे। टेंडर फार्म की कीमत 53 हजार रुपये रखी गई थी। टेंडर के लिए 19 फार्म बिक गए। इसी बीच फर्जी कंपनी की शिकायत नरौना न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन आफ इंडिया के मैनेजर पुनीत कुमार तक पहुंच गई। उन्होंने छह जुलाई को जिले के पुलिस अधिकारियों को फोन पर फर्जीवाडे़ की जानकारी दी।
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एसपी उमेश कुमार सिंह ने मामले की जांच एएसपी बीसी दुबे को सौंपी। पुलिस ने फर्जी कंपनी के आशानगर स्थित दफ्तर में छापा मारकर रामनरेश शुक्ला को दबोचकर 16 कर्मचारियों को भी हिरासत में ले लिया। कार्यालय में मौजूद सभी सामान भी पुलिस ने जब्त कर लिया। कार्यालय से पुलिस को पांच लाख 52 हजार रुपये और अलग-अलग बैंकों के 20 लाख रुपये के ड्राफ्ट भी बरामद हुए। न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन आफ इंडिया के अधिकारियों को भी हकीकत जानने के लिए बुलाया गया था।

एसपी ने बताया कि राम नरेश शुक्ला पहले भी ठगी के मामलों में जेल जा चुका है। उसने 2006 में उत्तराखंड के एक पूर्व मंत्री की जमीन धोखाधड़ी कर बेच दी थी। 2013 में शाहजहांपुर के एक पेट्रोलपंप पर धोखाधड़ी कर कब्जा कर लिया था। इस मामले में भी वह जेल गया था।


हाईफाई था कंपनी का स्टैंडर्ड
रामनरेश ने कंपनी के स्टैंडर्ड को हाईफाई बना रखा था। वह कार्यालय सफाईकर्मी को 16 हजार रुपये मासिक वेतन देता था। अन्य कर्मचारी 20 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन पर थे। उसने कंपनी में तीन बोलेरो भी लगा रखी थी। कार्यालय 30 हजार रुपये महीने पर लिए था।

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