घर बेचने का विरोध करने पर की थी मामा की हत्या
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भरावन। अतरौली थाना क्षेत्र के बरगदी में बहन के घर पर रह रहे ओमप्रकाश की हत्या उसके दो सगे भांजों ने ही मिलकर की थी। ओमप्रकाश का शव गांव के बाहर बाग में आम के पेड़ पर रस्सी से लटका मिला था। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण लटकने से नहीं बल्कि मुंह और गला दबाने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह मृतक के छोटे भांजे सतीश को हत्या के आरोप में थानाक्षेत्र के मिश्राखेड़ा तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। जबकि दूसरा हत्यारोपी सर्वेश फ रार है। सतीश ने बताया की सर्वेश पुलिस से बचने के लिए बिहार भाग गया है।
घटना का खुलासा करते हुए सीओ संडीला कमर मजीद ने बताया कि मृतक ओमप्रकाश बरगदी स्थित अपनी बहन के घर पर पिछले घटना का खुलासा करते हुए सीओ संडीला कमर मजीद ने बताया कि मृतक ओमप्रकाश बरगदी स्थित अपनी बहन के घर पर पिछले 17 वर्ष से रह रहा था। मृतक के दो भांजे सर्वेश और सतीश मजदूरी करते थे। हत्यारोपियों ने पांच वर्ष पूर्व अपनी सात बीघे पैतृक जमीन बेच दी थी। ओमप्रकाश आटा-चक्की चलाता था। सर्वेश ने बीमार पत्नी का इलाज करवाने के लिए मामा की आटा-चक्की भी बेच दी।
तब से तीनों मजदूरी करते थे। बीते 25 अक्तूबर को सर्वेश और सतीश ने बरगदी स्थित घर भी गांव की ही अन्नपूर्णा पत्नी शिवसागर को 50 हजार में बेच दिया और परिवार सहित दिल्ली जाकर नौकरी करने की योजना बनाई। इसकी जानकारी मामा ओमप्रकाश को हुई तो उसने घर बेचने का विरोध किया और दिल्ली जाने को भी तैयार नहीं हुआ। इसी पर दोनों भांजों ने 25 अक्तूबर की रात को घर के बाहर बरामदे में सोते समय मामा ओमप्रकाश की मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी और शव पास के बाग में आम के पेड़ से लटका दिया। थानाध्यक्ष संजय मौर्य ने बताया कि सतीश ने जुर्म कुबूल कर लिया है। शिक्षा की कमी के कारण बसा बसाया घर उजड़ गया। सर्वेश के तीन और सतीश के दो बच्चे हैं। सतीश को मामा ओमप्रकाश की हत्या के जुर्म में जेल भेज दिया गया है। सर्वेश फ रार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।