चौड़ीकरण की आड़ में चलवा दिया बुलडोजर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग के चौड़ीकरण की आड़ में रविवार को लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने कंपनी और एक प्रभावशाली व्यक्ति के इशारे पर जमकर मनमानी की। सड़क किनारे बने आवासीय और वाणिज्यिक भवनों को जेसीबी से तहस-नहस कर दिया। विरोध जताने पर आक्रामक हुए लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने इनका मलबा भी टूटे-फूटे बचे भवनों के ऊपर डलवा दिया। इस पर व्यापारी नेताओं ने जमकर विरोध जताया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष ने आनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। लेकिन कोतवाल ने इसे खारिज कर दिया। लोगों ने बिना नोटिस दिए कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
हरदोई से शाहजहांपुर के बीच का मार्ग फोर लेन में परिवर्तित किया जा रहा है। अधिकतर कार्य हो भी चुका है। पिहानी चुंगी के निकट शाहजहांपुर रोड पर सड़क किनारे कुछ भवन बने हैं। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं का कहना है कि ये भवन और दुकान लोक निर्माण विभाग की भूमि पर बने हैं। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए भूमि को खाली कराना था, लेकिन वह लोग भवन खाली नहीं कर रहे थे। इसके कारण जेसीबी चलवाई गई। दुकानदारों की शिकायत पर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित मौके पर पहुंच गए और उन्होंने व्यापारियों का पक्ष रखा। मौके पर उनकी तीखी नोकझोंक भी लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं और पुलिस से हुई। वहीं लोक निर्माण विभाग के नोडल अधिकारी और निर्माण खंड-1 का प्रभार संभाल रहे अधिशासी अभियंता अजय वर्मा ने बताया कि मार्ग की नाप कराने के बाद निशान लगवा दिया गया था। संबंधित लोगों ने खुद ही अपना सामान हटाकर निर्माण गिराने की बात कही थी। कुछ लोगों ने निर्माण गिरा भी लिया, लेकिन अधिकतर लोग मान नहीं रहे थे। अधिशासी अभियंता ने बताया कि उन्होंने कोई नोटिस नहीं दी है। चिन्हांकन करवाया था।
निर्माता कंपनी के इशारे पर नाचे अभियंता
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि हरदोई-शाहजहांपुर सीमा तक मार्ग चौड़ीकरण की जिम्मेदारी जिस कंपनी को है, उसके कारिंदे अभियंताओं को अपने इशारे पर नचाते हैं। कंपनी से मिलने वाले कमीशन के फेर में विभागीय अभियंता भी आंख मूंदकर कंपनी के कर्ताधर्ता के बताए अनुसार ही कार्य करने लगते हैं। यही कारण है कि बिना कोई नोटिस दिए निर्माण ढहा दिए गए। इससे इतर एक और प्रभावशाली व्यक्ति का नाम भी पूरे प्रकरण में आ रहा है। बताया जाता है कि जहां पर यह दुकानें और भवन बने हुए थे, उसके ठीक पीछे उक्त प्रभावशाली व्यक्ति की भूमि बड़े क्षेत्रफल में पड़ी है। उक्त दुकानें और भवन भी उन्हीं के थे, लेकिन 40 से 80 रुपये तक में किराए पर उठे थे। इसी के चलते लोग खाली नहीं कर रहे थे। उक्त भूमि के मालिक ने भी इस मामले में लोक निर्माण विभाग की मदद की और अपना रास्ता साफ कर लिया।
सामान समेटने का भी नहीं मिला मौका
कंपनी के इशारे पर रविवार को निर्माण ढहाने पहुंचे अभियंताओं ने कंपनी की जेसीबी से ही निर्माण गिरवा दिए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ वरना जिस तरह से जेसीबी चली उससे उक्त भवनों, दुकानों में रहने और कारोबार करने वालों को अपना सामान समेटने का मौका भी नहीं मिला। मौके पर खड़ा एक स्कूटर भी मलबे में दब गया। कई लोगों की गृहस्थी का सामान भी मलबे में तब्दील हो गया।