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शर्मनाकः शौचालय बनाने में भी कर दी लाखों की हेराफेरी
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Wed, 14 Dec 2016 01:06 AM IST
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ओडीएफ योजना में शामिल है सांडी ब्लॉक का छोछपुर गांव
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ओडीएफ योजना में शामिल हरदोई के गांव छोछपुर में शौचालय निर्माण के नाम पर करीब पौने पांच लाख रुपये की हेराफेरी सामने आई है। पंचायत सचिव ने बिना शौचालय बनवाए ही 40 शौचालय की रकम खाते से निकाल ली। डीपीआरओ ने सचिव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण न मिलने पर निलंबित करने की चेतावनी दी है।
ओडीएफ योजना के तहत सांडी ब्लॉक के छोछपुर गांव को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है। इस योजना के तहत गांव के हर घर में शौचालय बनना है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर डीपीआरओ कार्यालय ने 180 शौचालय गांव के लिए मंजूर कर दिए। इसका पैसा भी जारी कर दिया गया। प्रति शौचालय 12000 रुपये लाभार्थी को देने थे। कुछ ग्रामीणों ने शौचालन न बनवाने की शिकायत की। इस पर डीपीआरओ ने जांच कराई। जिसमें गांव में केवल 140 शौचालय ही बने पाए गए जबकि खाते से 180 शौचालयों का पैसा निकाला जा चुका है। जो शौचालय बने वह भी गुणवत्ता विहीन मिले। पंचायत सचिव ने 40 शौचालय के 4 लाख 80 हजार रुपये की हेराफेरी की। डीपीआरओ एसके गुप्ता ने पंचायत सचिव विकास अगिभनहोत्री को फटकार लगाई। उन्होंने सचिव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण न मिलने पर निलंबन की चेतावनी भी दी है। पंचायत सचिव विकास का कहना था कि शौचालय बनवाने के लिए पैसा निकाला गया था। बचे सभी 40 शौचालय 10 दिन में पूरे करा देंगे।
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ओडीएफ योजना के तहत सांडी ब्लॉक के छोछपुर गांव को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है। इस योजना के तहत गांव के हर घर में शौचालय बनना है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर डीपीआरओ कार्यालय ने 180 शौचालय गांव के लिए मंजूर कर दिए। इसका पैसा भी जारी कर दिया गया। प्रति शौचालय 12000 रुपये लाभार्थी को देने थे। कुछ ग्रामीणों ने शौचालन न बनवाने की शिकायत की। इस पर डीपीआरओ ने जांच कराई। जिसमें गांव में केवल 140 शौचालय ही बने पाए गए जबकि खाते से 180 शौचालयों का पैसा निकाला जा चुका है। जो शौचालय बने वह भी गुणवत्ता विहीन मिले। पंचायत सचिव ने 40 शौचालय के 4 लाख 80 हजार रुपये की हेराफेरी की। डीपीआरओ एसके गुप्ता ने पंचायत सचिव विकास अगिभनहोत्री को फटकार लगाई। उन्होंने सचिव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण न मिलने पर निलंबन की चेतावनी भी दी है। पंचायत सचिव विकास का कहना था कि शौचालय बनवाने के लिए पैसा निकाला गया था। बचे सभी 40 शौचालय 10 दिन में पूरे करा देंगे।
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