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उलझती जा रही सीएमएस गबन कांड की गुत्थी
अमर उजाला ब्यूरो , हरदोई
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:30 PM IST
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एटीएम से रुपयों के गबन की जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही गुत्थी सुलझने की बजाया और उलझती जा रही है। जांच में जो बिंदु सामने आए हैं। उनमें सीएमएस कंपनी के बड़े अधिकारी भी कटघरे में नजर आ रहे हैं। जिले के 12 एटीएम से 1,22,48000 हजार के गबन की जांच और उलझती जा रही है। अभी तक की जांच में जो सबसे अहम बात बिंदु सामने आया है। उसमें जानकारी हुई है कि इन एटीएम में रुपये पहले से ही कम रहे थे।
मामले की जांच से जुड़े पुलिस के एक बड़े अधिकारी के अनुसार नोट गबन के मामले में बड़ा रैकेट सक्रिय रहा है। उनके अनुसार पिछले दो साल से यह लोग एटीएम से रुपयों का हेरफेर कर रहे थे। इसमें सीएमएस कंपनी के कुछ बड़े अधिकारी भी शामिल रहे हैं। अधिकारी का कहना है कि दो साल पहले इटावा व बिंदकी में एटीएम से रुपये गबन होने का मामला सामने आया था। तब कंपनी के अधिकारियों ने मामले को दबाने के लिए यहां के एटीएम से रुपये निकाल कर वहां के एटीएम में भरपाई की थी।
अधिकारी के अनुसार 2 साल पहले हरदोई के एटीएम से करीब 70 लाख रुपयों का हेरफेर हुआ था। उनका यह भी कहना है कि रैकेट में एटीएम की बारीकी से ताल्लुक रखने वाले एक्सपर्ट भी जुड़े हैं। जिनके माध्यम से अधिकारियों ने रुपयों का हेरफेर किया है।
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इधर, पुलिस गबन के आरोप में फरार चल रहे शहर के मोहल्ला गौरी नगर निवासी आदित्य विजय सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह और मोहल्ला नघेटा पश्चिमी निवासी केशव प्रताप सिंह पुत्र सतेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के करीब है। एएसपी पूर्वी बीसी दुबे ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
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मामले की जांच से जुड़े पुलिस के एक बड़े अधिकारी के अनुसार नोट गबन के मामले में बड़ा रैकेट सक्रिय रहा है। उनके अनुसार पिछले दो साल से यह लोग एटीएम से रुपयों का हेरफेर कर रहे थे। इसमें सीएमएस कंपनी के कुछ बड़े अधिकारी भी शामिल रहे हैं। अधिकारी का कहना है कि दो साल पहले इटावा व बिंदकी में एटीएम से रुपये गबन होने का मामला सामने आया था। तब कंपनी के अधिकारियों ने मामले को दबाने के लिए यहां के एटीएम से रुपये निकाल कर वहां के एटीएम में भरपाई की थी।
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अधिकारी के अनुसार 2 साल पहले हरदोई के एटीएम से करीब 70 लाख रुपयों का हेरफेर हुआ था। उनका यह भी कहना है कि रैकेट में एटीएम की बारीकी से ताल्लुक रखने वाले एक्सपर्ट भी जुड़े हैं। जिनके माध्यम से अधिकारियों ने रुपयों का हेरफेर किया है।
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इधर, पुलिस गबन के आरोप में फरार चल रहे शहर के मोहल्ला गौरी नगर निवासी आदित्य विजय सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह और मोहल्ला नघेटा पश्चिमी निवासी केशव प्रताप सिंह पुत्र सतेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के करीब है। एएसपी पूर्वी बीसी दुबे ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।