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पाली डकैती और हत्याकांड की सीबीसीआईडी जांच हो

Sun, 10 Apr 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई Updated Sun, 10 Apr 2016 11:52 PM IST
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CID to investigate the robbery and murder of paly
पत्रकार वार्ता - फोटो : अमर उजाला

हरदोई। पाली थाना क्षेत्र में डकैती और हत्याकांड के खुलासे को पीड़ित बाजपेई परिवार ने नकार दिया। पीड़ित परिवार ने सीबीसीआईडी से जांच की मांग की है। परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के दबाव में दोषियों को बचा कर निर्देशों को फंसा पुलिस वाहवाही लूट रही है।

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रविवार को शहर के एक गेस्ट हाउस में ऋषिकांत बाजपेई के भाई शशिकांत बाजपेई और पुत्र मयंक बाजपेई ने पत्रकार वार्ता में शनिवार को पाली लूट और हत्याकांड के खुलासे को नकार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने लूटकांड का खुलासा सत्ता पक्ष के दबाव में आनन फानन में किया है। पुलिस घटना कांड में शामिल लोगों को बचाने के लिए दूसरे को शामिल दिखा दिया।
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उन्होंने बताया कि बदमाशों की शिनाख्त के लिए तीन बार उसके भतीजे मयंक और उसकी पत्नी को थाने बुलाया गया। मगर उन लोगों ने तीनों बार उनको पहचानने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जो स्केच बनवाए और फिंगर प्रिंट लिए उनका भी मिलान नहीं किया गया। उनके भतीजे ने तीन लोगों को पहचाना था। उन्हीं के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मगर पुलिस उस दिशा में काम नहीं कर रही है।
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उन्होंने कहा कि उनका भाई गोकशी के खिलाफ था और इसके लिए पुलिस की मदद भी करता था। इसी के चलते उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों को नामजद किया गया है। उनका थाने में आपराधिक इतिहास है। मयंक बाजपेई ने बताया कि घटना के समय उन्होंने दो लोगों को पहचान लिया था। दोनों लोगों ने हत्या कांड की जांच सीबीसीआईडी से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह हाईकोर्ट जाएंगे और गलत खुलासे के खिलाफ अपील करेंगे।

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