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राइस मिल में छापा मार 10 हजार बोरी सरकारी अनाज पकड़ा
अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 16 Feb 2018 10:42 PM IST
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राइस मिल में एकत्र चावल देखते डीएसओ सुनील कुमार व तहसीलदार राम आसरे। अमर उजाला।
- फोटो : amar ujala
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देहात कोतवाली के लखनऊ रोड स्थित पशुपतिनाथ एग्रो फूड प्रोडक्ट्स और पशुपतिनाथ एग्रो इंडिया प्राइवेट लि. में गुरुवार देर रात अफसरों ने छापेमारी की और करीब 10 हजार बोरी राशन का गेहूं-चावल बरामद किया। इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। शुक्रवार शाम तक कार्रवाई चली। दौरान इन ट्रकों को कोतवाली भेजा गया। डीएम ने बताया कि शासन के अधिकारी भी जांच करने पहुंच गए हैं। शनिवार को ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
नया गांव के पास चलने वाली राइस मिल शैलेंद्र गुप्ता की बताई गई है। मिल में उनके पुत्र राजीव और प्रदीप भी पार्टनर हैं। डीएम पुलकित खरे के निर्देश पर तहसीलदार सदर रामआसरे और देहात कोतवाल आनंद त्रिपाठी राजस्व कर्मियों के साथ रात साढ़े दस बजे मिल पर पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। अंदर के लोग मिल के मुख्यद्वार पर ताला डालकर भाग निकले। तहसीलदार ने मुख्य गेट का ताला तुड़वाया। इसी बीच एसडीएम सदर राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष द्विवेदी, आवश्यक खाद्य वस्तु निगम के प्रबंधक शत्रुघ्न सिंह, सीओ सिटी विजय राणा भी पहुंच गए।
अफसरों ने बताया कि मिल परिसर में 12 गोदाम बने थे, जिनमें राशन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए एफसीआई से उठाया गया चावल और गेहूं भरा हुआ था। नौ ट्रकों में राशन की बोरियां लदी हुई थीं। जांच के बाद राशन की बोरियाें से भरे कुछ ट्रकों को कोतवाली भेजा गया और परिसर को सील कर पुलिस तैनात कर दी गई। सुबह फिर अधिकारियों की टीम मिल में पहुंची और बरामद अनाज की बोरियों की गिनती कराई। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि शनिवार को स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। लखनऊ से रीजनल फूड कंट्रोलर (आरएफसी) चंद्रभूषण भी जांच के लिए आ गए हैं। एसडीएम सदर राकेश कुमार ने बताया कि लगभग 10 हजार बोरी खाद्यान्न बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है।
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नया गांव के पास चलने वाली राइस मिल शैलेंद्र गुप्ता की बताई गई है। मिल में उनके पुत्र राजीव और प्रदीप भी पार्टनर हैं। डीएम पुलकित खरे के निर्देश पर तहसीलदार सदर रामआसरे और देहात कोतवाल आनंद त्रिपाठी राजस्व कर्मियों के साथ रात साढ़े दस बजे मिल पर पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। अंदर के लोग मिल के मुख्यद्वार पर ताला डालकर भाग निकले। तहसीलदार ने मुख्य गेट का ताला तुड़वाया। इसी बीच एसडीएम सदर राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष द्विवेदी, आवश्यक खाद्य वस्तु निगम के प्रबंधक शत्रुघ्न सिंह, सीओ सिटी विजय राणा भी पहुंच गए।
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अफसरों ने बताया कि मिल परिसर में 12 गोदाम बने थे, जिनमें राशन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए एफसीआई से उठाया गया चावल और गेहूं भरा हुआ था। नौ ट्रकों में राशन की बोरियां लदी हुई थीं। जांच के बाद राशन की बोरियाें से भरे कुछ ट्रकों को कोतवाली भेजा गया और परिसर को सील कर पुलिस तैनात कर दी गई। सुबह फिर अधिकारियों की टीम मिल में पहुंची और बरामद अनाज की बोरियों की गिनती कराई। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि शनिवार को स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। लखनऊ से रीजनल फूड कंट्रोलर (आरएफसी) चंद्रभूषण भी जांच के लिए आ गए हैं। एसडीएम सदर राकेश कुमार ने बताया कि लगभग 10 हजार बोरी खाद्यान्न बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है।
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